टेरर टीम का अड्डा बनी अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द, मेडिकल छात्रों की पढ़ाई पर संकट
आतंकी साजिश का अड्डा बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर दी गई है। एनआईए की जांच के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी यूनिवर्सिटी के बैंक खातों की जांच की कमान संभाल ली है। 3 दिन पहले ही खातों के लेन-देन को बंद कर दिया गया था।

आतंकी साजिश का अड्डा बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर दी गई है। एनआईए की जांच के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी यूनिवर्सिटी के बैंक खातों की जांच की कमान संभाल ली है। 3 दिन पहले ही खातों के लेन-देन को बंद कर दिया गया था। खातों में विदेश से भी लेन-देन हुआ है। जांच में पता लगाया जाएगा कि ट्रस्ट के जरिये मुफ्त इलाज के नाम पर कहां-कहां से फंडिग की जा रही थी।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक और ट्रस्टी जवाद अहमद सिद्दीकी भी शक के दायरे में हैं। विवादों में घिरने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत 8 प्रोफेसरों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, प्रबंधन ने अभी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है।
इस बीच सवाल ये उठ रहा है कि यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का खासकर मेडिकल स्टूडेंट्स का क्या होगा? उनकी पढ़ाई कैसे पूरी होगी? इस यूनिवर्सिटी में मेडिकल से जुडे़ अलग अलग कोर्स में कुल मिलाकर 1200 छात्र पढ़ रहे हैं। अब इन छात्रों के भविष्य के लिए विकल्प की तलाश की जा रही है। इसके लिए फरीदाबाद के सेक्टर 3 स्थित ईएसआईसी. मेडिकल कॉलेज, नूंह के नल्हड़ मेडिकल कॉलेज, छांयसा स्थित अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज, दिल्ली-एनसीआर में बने अन्य मेडिकल कॉलेजों से सीटों की जानकारी मांगी जा रही है। नैक की तरफ से भी यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी कर कुल 7 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।
यूनिवर्सिटी के अस्पताल को बंद किया, मरीज किए शिफ्ट
फरीदाबाद के मुस्लिम बहुल गांव धौज में बनी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ दिनों से हरियाणा पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनआईए, दिल्ली पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस ने डेरा डाल रखा है और बारीकी से हर हिस्से और हर चीज की छानबीन चल रही है। यूनिवर्सिटी के कुछ हिस्से को सील भी कर दिया गया है, खासकर लैब को। ऐसे में लगातार चल रही जांच के कारण यूनिवर्सिटी के अस्पताल को बंद कर दिया गया है। ओपीडी की सेवा भी आमजन के लिए पूरी तरह से बंद हो गई है। यहां इलाज के लिए भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में इलाज कराने को कहा गया है। गंभीर मरीजों को दिल्ली रैफर किया गया है। आसपास के इलाकों से काफी लोग यहां इलाज के लिए आते थे।
स्टूडेंट्स को फीस और अन्य चार्ज के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से रोका
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को फीस व अन्य चार्ज जमा करने को लेकर दो दिन पहले ही मना कर दिया था। छात्रों को कहा गया है कि वे फिलहाल किसी भी तरह की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन उन्हें बताए गए यूनिवर्सिटी के बैंक खाते में न करें। प्रबंधन ने कहा है कि कुछ समस्या के चलते कुछ समय के लिए इसे रोका जा रहा है और जल्द ही अगले निर्देशों के बारे में सूचना दी जाएगी।
मान्यता की अवधि खत्म कई साल पहले हो चुकी खत्म
देश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना और उन्हें ग्रेड देने वाली संस्था नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिएशन कमीशन (नैक) ने झूठे मान्यता दावे के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एनएएसी ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर झूठी जानकारी देकर आमजन, अभिभावकों और छात्रों को गुमराह किया है। एनएएसी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी ने यह दर्शाया कि उसे परिषद से मान्यता प्राप्त है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसकी मान्यता की अवधि कई वर्ष पहले समाप्त हो चुकी है। परिषद ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न की जाए और क्यों उसे भविष्य के मूल्यांकन से अयोग्य घोषित न किया जाए।
रिपोर्ट: मोनी देवी




साइन इन