नूंह से जुड़े दिल्ली ब्लास्ट के तार, नूंह के खाद विक्रेता ने डॉ. मुजम्मिल को दिया था 300KG अमोनियम नाइट्रेट
Nuh Delhi Blast Connection : दिल्ली में हुए ब्लास्ट के तार हरियाणा के नूंह से भी जुड़ गए हैं। जांच एजेंसियों को पता चला है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील ने नूंह जिले के पिनगवां कस्बे की अग्रवाल एजेंसी नाम की खाद-बीज की दुकान से 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई हुई थी।

दिल्ली में हुए ब्लास्ट के तार हरियाणा के नूंह से भी जुड़ गए हैं। जांच एजेंसियों को पता चला है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील ने नूंह जिले के पिनगवां कस्बे की अग्रवाल एजेंसी नाम की खाद-बीज की दुकान से 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई हुई थी। पुलिस फरीदाबाद मॉड्यूल के डॉ. मुजम्मिल की निशानदेही पर यहां पहुंची और दुकान के मालिक दिनेश सिंगला उर्फ डब्बू को हिरासत में ले लिया। यही अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल हुआ था।
हैरानी की बात यह है कि खाद विक्रेता दिनेश सिंगला के पास अमोनियम नाइट्रेट रखने का लाइसेंस ही नहीं था। इसके बाद भी उसने डॉक्टर मुजम्मिल शकील को बिना रिकॉर्ड अमोनियम नाइट्रेट उपलब्ध करवाया। इस खुलासे से कृषि विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोई भी खाद या केमिकल बिना लाइसेंस रजिस्ट्रेशन के खरीदी-बेची नहीं जा सकती। सभी खाद-बीज विक्रेताओं के पास मौजूद अमोनियम नाइट्रेट का रिकॉर्ड कृषि विभाग को रखना होता है, लेकिन बिना लाइसेंस के दिनेश सिंगला ने डॉक्टर मुजम्मिल शकील को एक दो किलो नहीं 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई कर दी और अफसरों को इसकी भनक तक नहींं लगी। खुलासा होने के बाद अब कृषि विभाग ने जिले के सभी खाद-बीज विक्रेताओं से अमोनियम नाइट्रेट का रिकॉर्ड मंगवाया है।
पैसे के लालच में फंसा दिनेश
पिनगवां कस्बे में अग्रवाल एजेंसी के नाम से खाद बीज की दुकान चलाने वाला दिनेश सिंगला बड़ा कारोबारी है। पैसे के लालच में उसने डॉक्टर मुजम्मिल को करीब 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई की है, जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री है। नूंह जिले में करीब 400 लाइसेंस खाद विक्रेता हैं। अमोनियम नाइट्रेट खाद बेचने के लिए लाइसेंस धारक को अपने लाइसेंस पर कंपनी से अनुमति लेनी होती है।
अवैध माइनिंग में होता है अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल
वहीं, फिरोजपुर झिरका के कई गांवों में पहाड़ हैं और यहां अक्सर अवैध माइनिंग होती है।पहाड़ में विस्फोट करने के लिए अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इस इलाके में भी अमोनियम नाइट्रेट की चोरी छुपे खरीद फरोख्त किए जाने की संभावना है, इसलिए एजेंसियों की जांच के दायरे में ये गांव भी आ गए हैं। कृषि विभाग ने इस मामले के बाद अब सभी डीलरों से अमोनियम नाइट्रेट खाद का स्टॉक और रिकॉर्ड रजिस्टर मंगवाया गया है।
रिपोर्ट: मोनी देवी




साइन इन