Delhi blast suspects al-falah university doctors used encrypted swiss app to share plans and maps police Probe दिल्ली धमाके का प्लान और नक्शे शेयर करने को संदिग्ध डॉक्टर स्विस ऐप का करते थे इस्तेमाल, Ncr Hindi News - Hindustan
More

दिल्ली धमाके का प्लान और नक्शे शेयर करने को संदिग्ध डॉक्टर स्विस ऐप का करते थे इस्तेमाल

दिल्ली लाल किले के बाहर कार ब्लास्ट के बाद जांच के घेरे में आए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 3 डॉक्टर डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन शाहिद ‘थ्रीमा’ नामक एक स्विस कम्युनिकेश ऐप के जरिये लगातार संपर्क में थे।

Fri, 14 Nov 2025 11:06 AMPraveen Sharma नई दिल्ली, भाषा
share
दिल्ली धमाके का प्लान और नक्शे शेयर करने को संदिग्ध डॉक्टर स्विस ऐप का करते थे इस्तेमाल

दिल्ली लाल किले के बाहर कार ब्लास्ट के बाद जांच के घेरे में आए फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 3 डॉक्टर डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन शाहिद ‘थ्रीमा’ (Threema App) नामक एक स्विस कम्युनिकेश ऐप के जरिये लगातार संपर्क में थे। पुलिस ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीनों संदिग्धों ने कथित तौर पर इस एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल आतंकी साजिश से जुड़ी अपनी गतिविधियों की योजना बनाने और आपस में कॉर्डिनेट करने के लिए किया था।

जांचकर्ताओं को यह भी शक है कि सोमवार को विस्फोट वाली हुंडई i20 कार चलाने वाला उमर और उसकी टीम ने फरीदाबाद से जब्त की गई एक लाल इकोस्पोर्ट कार का इस्तेमाल अमोनियम नाइट्रेट के परिवहन और भंडारण के लिए किया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:32 पुरानी कारों से देश के कई शहरों को दहलाने की रची थी साजिश, जांच में खुलासा

सूत्रों ने उमर को मॉड्यूल का सबसे कट्टरपंथी सदस्य और सभी आरोपी डॉक्टरों के बीच सेतु बताते हुए कहा कि मुजम्मिल और आतंकी साजिश से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसने कथित तौर पर अपने फोन बंद कर दिए और डिजिटल संपर्क तोड़ दिए।

संदिग्धों ने राजधानी में कई बार रेकी की थी। यह ग्रुप कई सिलसिलेवार विस्फोटों की साजिश रच रहा था और पकड़े जाने के समय अपने आकाओं से अंतिम आदेश का इंतजार कर रहा था।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘पारंपरिक मैसेजिंग मंच के विपरीत, ‘थ्रीमा’ को रजिस्ट्रेशन के लिए फोन नंबर या ईमेल आईडी की जरूरत नहीं होती है, जिससे यूजर्स का पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।’’

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली टेरर ब्लास्ट : अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 13 नंबर कमरे में रची गई थी साजिश

यह ऐप प्रत्येक उपयोगकर्ता को एक विशिष्ट आईडी प्रदान करता है जो किसी भी मोबाइल नंबर या सिम कार्ड से नहीं जुड़ी होती है। ये ऐप निजी सर्वर पर चलाने के विकल्प के साथ ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ प्रदान करता है।

जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपी डॉक्टरों ने सुरक्षित रूप से संवाद करने और पहचान से बचने के लिए एक प्राइवेट ‘थ्रीमा’ सर्वर स्थापित किया था। इस सर्वर का कथित तौर पर दिल्ली विस्फोट की साजिश से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज और नक्शे शेयर करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस के एक सूत्र ने कहा, ‘‘माना जाता है कि स्थान की जानकारी साझा करने और काम बांटे जाने सहित विस्तृत साजिश इसी निजी नेटवर्क के माध्यम से बनाई गई थी।’’

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:50 से ज्यादा जगहों पर CCTV कैमरों में दिखा उमर, लालकिला धमाके की जांच में खुलासा

सूत्र ने बताया कि अतिरिक्त गोपनीयता के लिए ‘थ्रीमा’ दोनों तरफ से संदेशों को हटाने की अनुमति देता है और डेटा स्टोर नहीं करता है, जिससे मैसेजों को रिट्राइव करना और जटिल हो जाता है।

जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ग्रुप द्वारा इस्तेमाल किया गया प्राइवेट सर्वर भारत के अंदर था या विदेश में, और क्या मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की उस तक पहुंच थी। पुलिस को यह भी पता चला है कि राजधानी में ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के पास विस्फोट करने के लिए लगभग 32 कारें तैयार की जा रही थीं।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।