गुरुग्राम में फर्जी क्लिनिक का भंडाफोड़, बिना किसी डिग्री के 6 साल से मरीजों का 'इलाज' कर रहा था 'डॉक्टर'
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने इस बात को माना कि वह पिछले 6 सालों से बिना किसी मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा था। जिसके बाद एक चिकित्सा अधिकारी की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ मेडिकल काउंसिल एक्ट और धोखाधड़ी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया।

गुरुग्राम में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी क्लिनिक का भंडाफोड़ किया है, जहां बैठने वाला डॉक्टर बिना किसी मेडिकल डिग्री के लोगों का इलाज कर रहा था और करीब छह सालों से मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। आरोपी फर्जी डॉक्टर की पहचान सुकुमार बिस्वास के रूप में हुई है, जो कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और सेक्टर 110 में स्थित यादव मार्केट में 'डॉ. बंगाली जनता सेवा क्लिनिक' नाम से अपनी फर्जीवाड़े की दुकान चला रहा था। इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग ने एक विशेष अभियान के तहत न्यू पालम विहार इलाके में स्थित इस फर्जी क्लिनिक पर छापा मारा।
पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान जब अधिकारियों ने उस डॉक्टर से उसकी मेडिकल डिग्री, पंजीकरण प्रमाण पत्र और दवा लाइसेंस मांगा, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। यहां तक कि उसके क्लिनिक के पास बायोमेडिकल कचरा निस्तारण प्रमाण पत्र या दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई वैध रिकॉर्ड भी नहीं था।
उधर बुधवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि लंबे समय से मिल रही शिकायत के बाद अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार रात को गुरुग्राम के यादव मार्केट में स्थित इस फर्जी क्लिनिक में छापा मारा था। इस दौरान वहां लगभग छह सालों से बिना किसी मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज करने वाले इस नकली डॉक्टर को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार भी कर लिया।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि, विभाग को इस क्लिनिक के खिलाफ काफी समय से गुमनाम शिकायतें मिल रही थीं। जिसके बाद शिकायत की पुष्टि करने के बाद ऐक्शन लेते हुए, टीम ने देर रात यादव मार्केट में स्थित इस क्लिनिक पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान बिस्वास ने इस बात को माना कि वह पिछले छह सालों से बिना किसी मेडिकल डिग्री के इस इलाके में मरीजों का इलाज कर रहा था। जिसके बाद एक चिकित्सा अधिकारी की शिकायत के आधार पर, बजघेड़ा पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ मेडिकल काउंसिल एक्ट और धोखाधड़ी एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि यह पूरा अभियान जिला सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओम प्रकाश और औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम द्वारा चलाया गया। साथ ही एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे बिस्वास से पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसके इस 'अवैध धंधे' में कोई और भी उसके साथ शामिल था।




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