DMRC occupation of Yamuna floodplain in Delhi ends, High Court sets final deadline दिल्ली में यमुना फ्लडप्लेन पर DMRC का कब्जा खत्म, हाईकोर्ट ने तय की अंतिम डेडलाइन, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली में यमुना फ्लडप्लेन पर DMRC का कब्जा खत्म, हाईकोर्ट ने तय की अंतिम डेडलाइन

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह एवं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ डीएमआरसी द्वारा 11 दिसंबर को इलाके से हटने के साफ निर्देशों के बावजूद डूब वाले इलाके में बैचिंग संयंत्र व कास्टिंग यार्ड चलाने के बारे में एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

Tue, 30 Dec 2025 06:37 PMहिन्दुस्तान टीम नई दिल्ली, नीतू
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दिल्ली में यमुना फ्लडप्लेन पर DMRC का कब्जा खत्म, हाईकोर्ट ने तय की अंतिम डेडलाइन

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को 31 मार्च, 2026 के बाद यमुना के डूब वाले इलाके पर कब्जा जारी रखने से रोक दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह एवं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ डीएमआरसी द्वारा 11 दिसंबर को इलाके से हटने के साफ निर्देशों के बावजूद डूब वाले इलाके में बैचिंग संयंत्र व कास्टिंग यार्ड चलाने के बारे में एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यह हैरानी की बात है कि डीएमआरसी ने बैचिंग प्लांट व कास्टिंग यार्ड को हटाने के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की। पीठ ने ध्यान दिया कि डीएमआरसी ने इस रोक को हटाने की गतिविधियों के लिए समय बढ़ाने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। पीठ ने कहा कि यह देखते हुए कि डीएमआरसी दिल्ली शहर में एक जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट यानि दिल्ली मेट्रो व उससे जुड़े विकास कार्य में लगा है। इसी के मद्देनजर पीठ डीएमआरसी को बैचिंग प्लांट व कांस्टिंग यार्ड वगैरह को हटाने के लिए समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया जा रहा है।

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पीठ ने कहा कि 1 अप्रैल से डीएमआरसी को इस इलाके का कोई भी हिस्सा अपनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल करने से रोक दिया जाएगा। पीठ ने कहा कि इसके अलावा यह भी निर्देश दिया जाता है कि (बैचिंग) प्लांट व यार्ड साथ ही अन्य मशीनरी को हटाने का काम पूरा होने के बाद डीएमआरसी को बागवानी व वन विभाग से सलाह करके यह पक्का करे कि जिस इलाके पर उनका कब्जा था। उसे पूरी तरह साफ कर दिल्ली विकास प्राधिकरण को सौंपा जाए। यहां किसी तरह का मलबा नहीं होना चाहिए।

पीठ ने दिल्ली विकास प्राधिकरण को 10 अप्रैल 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। दरअसल डीएमआरसी की तरफ से पीठ के समक्ष कुछ दस्तावेज पेश किए गए। इन दस्तावेजों में बताया गया कि प्रदूषण की वजह से ग्रेप की पाबंदियां लगने की वजह से मशीनरी हटाने व तोड़ने के काम में देरी हुई। यह काम 31 मार्च 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है। पीठ ने इसे मंजूर कर लिया।

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