हाथ पर लिखा था जाटव; कुर्सी से उठाया, ग्रेटर नोएडा में डिलीवरी बॉय से मारपीट
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में हाथ पर जाटव लिखा होने के कारण एक डिलीवरी बॉय के साथ जातिगत भेदभाव और मारपीट का मामला सामने आया है। एक आरोपी ने पीड़ित को कुर्सी पर बैठने से रोका और विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दीं।

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में एक डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट और जातिगत भेदभाव का कथित मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित शख्स जब एक घर में पिज्जा की डिलिवरी करने गया तो वहां एक आरोपी ने उसके हाथ पर जाटव लिखा देख लिया। आरोप है कि पीड़ित ने कुर्सी पर बैठने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे उठा दिया। पीड़ित का कहना है कि जब उसने आरोपी के व्यवहार का विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की शिकायत पुलिस से की है।
पांच मार्च की घटना, पिज्जा डिलिवरी के लिए गया था पीड़ित
बुलंदशहर शहर के शिकोई गांव निवासी शिवम कुमार ने बताया कि वह ग्रेटर नोएडा में एक पिज्जा की दुकान पर काम करता है। 5 मार्च को वह देवला में ऑर्डर डिलीवर करने के लिए गया था। जिस जगह पर डिलीवरी के लिए गया वहां कुर्सी पड़ी थी, उसने बैठने का प्रयास किया को घर में मौजूद आरोपी सचिन भाटी ने उसके हाथ पर जाटव लिखा देख उसे उठने के लिए कह दिया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शुरू की जांच
डिलीवरी बॉय शिवम का आरोप है कि हाथ पर जाटव लिखा होने के कारण उसके साथ मारपीट भी की गई। उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तमाल किया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर के भगा दिया गया। पीड़ित ने मामले में पुलिस से शिकायत की है। सूरजपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मकान से गिर कर तीन साल के बच्चे की मौत
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कस्बे में एक अन्य घटना में एक मकान की तीसरी मंजिल से गिरकर तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। सूरजपुर में हमीरपुर के रहने वाले अशोक अपने परिवार के साथ रहते हैं और दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को अशोक और उनकी पत्नी काम पर गए थे और उसी दौरान उनका बेटा खेलते समय तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया।
परिजनों का अस्पताल पर हंगामा
पड़ोसी गंभीर रूप से घायल बच्चे को नॉलेज पार्क के एक अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और बच्चे की मौत के बाद वहां हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन उनसे बिल मांग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया।




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