जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर…योगी ने दिनकर की कविता से सपा पर कसा तंज
यूपी विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सीएम योगी ने सरकार की आर्थिक उपलब्धियों और विकास योजनाओं को विस्तार से रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवि दिनकर की एक कविता सुनाते हुए विपक्ष पर तीखा हमला भी बोला।

जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर...विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता के जरिए सपा पर तीखा हमला बोला। योगी ने नेता प्रतिपक्ष, शिवपाल यादव समेत कई विपक्षी नेताओं पर तंज कसा। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की आर्थिक उपलब्धियों और विकास योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
यूपी विधानमंडल के बजट सत्र का आखिरी दिन सीएम योगी ने बजट पर बोला। इस मौके पर योगी ने कवि दिनकर की एक कविता सुनाई।कहा, ‘मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का? पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर।।’
शिवपाल यादव पर कसा तंज
योगी ने कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तंज कसा। कहा, आप सच्चे समाजवादी हैं। समाजवादी विचारधारा के साथ चले, वो अलग बात है कि आपके साथ शिवपाल जी जैसे लठैत ने भी चलने की कोशिश की। आपने कुछ जनपदों की पहचान ऐसी बना दी थी कि लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, लेकिन हम लोगों ने व्यवस्था बदली, परसेप्शन बदल गया। आज लोग कहते हैं, अच्छा आप यूपी से आए हैं।
पता नहीं कहां से कुत्ता ले आए….नेता प्रतिपक्ष ने सदन में ली चुटकी
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'लखनऊ यूनिवर्सिटी फीस लेती है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी से पूछ लीजिए कितना फीस हो। अपने ही खोज लाया, पता नहीं कहां से कुत्ता और कहा कि हमने बनाया है। यही सब यूनिवर्सिटियां हैं। इनको जब यूनिवर्सिटी बनाने का विधेयक आया था तो मैंने खड़ा होकर विरोध किया था कि ऐसा मत करो। ये जितने आप यूनिवर्सिटी दिए जा रहे हो, ये शिक्षा के विस्तार के लिए नही हैं। ये पूंजीपतियों को बढ़ाने के लिए है। इनकी पूंजी बढ़ेगी। शिक्षा कम बढ़ेगी और इनकी पूंजी ज्यादा बढ़ जाएगी। इसलिए आपसे निवेदन करता हूं कि एक कानून बनाइए।'
सीएम को प्रसन्न रहना चाहिए, झंझावात बहुत है
रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने राजस्व संहिता जब यह बनाई गई थी तब शिवपाल सिंह यादव भी उसमें शामिल थे और उन्होंने भी इसमें भूमिका निभाई थी। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर देखते हुए मुस्कुराने लगे। वहीं जब योगी ने भी मुस्कुराते हुए इशारा किया तो माता प्रसाद ने हल्के अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री को प्रसन्न रहना चाहिए, क्योंकि झंझावात बहुत हैं।




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