दिल्ली पुलिस ने किया 35 साल की लुका-छिपी का 'द एंड', मर्डर का आरोपी गिरफ्तार; आखिर कैसे बचकर रह रहा था?
फरार होने के बाद आरोपी ने दिल्ली छोड़ दी थी और अलग-अलग राज्यों में रह रहा था। किसी को भी उसपर शक न हो और वह पकड़ा न जाए इस बात का हमेशा ध्यान रखता था।

दिल्ली पुलिस ने एकबार फिर 'कानून के लंबे हाथों' की उस कहावत को सच साबित किया है। क्राइम ब्रांच ने 35 साल से फरार चल रहे एक हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। फरार होने के बाद आरोपी ने दिल्ली छोड़ दी थी और अलग-अलग राज्यों में रह रहा था। किसी को भी उसपर शक न हो और वह पकड़ा न जाए इस बात का हमेशा ध्यान रखता था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया है और वह वारदात को अंजाम देने के बाद से ही अलग-अलग राज्यों में रह रहा था और वह छोटे-मोटे काम करता था। इस दौरान लगातार छिपकर रह रहा था, साथ ही अपने परिवार से अप्रत्यक्ष संपर्क बनाए रखता था।
बेरहमी से चाकू मारा था
मामले पर डीसीपी, क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम ने बताया कि 'यह मामला अगस्त 1991 का था। पुलिस स्टेशन त्रिलोकपुरी के इलाके में एक पीसीआर कॉल आई थी जिसमें बताया गया था कि एक महिला और उसके बेटे पर किसी शख्स ने बेरहमी से चाकू मारा है। हमले में मां और बेटे के गले और चेहरे पर काफी वार किए गए थे। ईलाज के दौरान महिला की मौत हो गई थी जबकि उनका बेटा जिंदा बच जाता है। बेटे ने इसके बाद हमलावर की पहचान की थी जो कि उनका किराएदार छवि लाल वर्मा था और पिछले 35 साल से फरार चल रहा था और कभी नहीं पकड़ा गया था।
कई छोटे-मोटे काम किए
उन्होंने आगे बताया ‘इस दौरान आरोपी कई शहर जैसे कोलकाता, नागपुर, मुंबई और गोवा में रहा। फरार रहने के दौरान आरोपी ने कई छोटे-मोटे काम किए और काफी सतर्कता से रहा। इस दौरान किसी न किसी के जरिए परिवार से संपर्क में था और कई बार अपने गांव भी गया।’
हमेशा इस बात का रखता था ध्यान
डीसीपी, क्राइम ब्रांच ने कहा 'वह हमेशा इस बात का ध्यान रखता था कि छिपकर जाए और पकड़ा न जाए। आखिरकार हमने 10 अप्रैल 2026 को हमारी इंटर स्टेट टीम, एसीपी रमेश लांबा और मनमीत मलिक के नेतृत्व में उन्होंने लुधियाना से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लुधियाना में बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम कर रहा था।'
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