शिक्षा के मंदिर में 3 साल की बच्ची से रेप, स्कूल का टेकओवर करेगी दिल्ली सरकार! जवाब न मिलने पर एक्शन की तैयारी
शिक्षा निदेशालय ने 8 मई को स्कूल मैनेजमेंट को कारण बताओ नोटिस भेजा था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो स्कूल पर दिल्ली एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स (DSEAR) के तहत एक्शन लेते हुए मान्यता रद्द और मैनेजमेंट का अधिकार छीन लिया जाएगा।

दिल्ली सरकार जनकपुरी स्थित एक प्राइवेट स्कूल का मैनेजमेंट अपने हाथ में ले सकती है। स्कूल के अंदर तीन वर्षीय छात्रा का कथित तौर पर रेप का मामला सामने आया है। स्कूल मैनेजमेंट को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था जिसका अबतक कोई जवाब नहीं मिला है। बच्चों की सुरक्षा, देखरेख और सरकारी नियमों की अनदेखी के वजह से शिक्षा निदेशालय ने 8 मई को स्कूल मैनेजमेंट को कारण बताओ नोटिस भेजा था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो स्कूल पर दिल्ली एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स (DSEAR) के तहत एक्शन लेते हुए मान्यता रद्द और मैनेजमेंट का अधिकार छीन लिया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, स्कूल को जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था। हालांकि, शिक्षा निदेशालय को अभी तक जवाब नहीं मिला है और विभाग बच्चों की सुरक्षा में कथित कमियों के लिए स्कूल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की योजना बना रहा है। पुलिस के अनुसार, बच्ची की मां ने 1 मई को जनकपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया था कि उसकी बेटी के साथ 30 अप्रैल को स्कूल में एडमिशन के दूसरे दिन ही रेप किया गया। इसके बाद स्कूल के 57 वर्षीय कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया।
स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं?
विभाग ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के जरूरी पर्याप्त निगरानी और मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है, जैसे स्कूल के भीतर मौजूद संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे आदि। स्कूल को जारी नोटिस में यह भी कहा गया है कि प्रशासन की मंजूरी के बिना नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाएं कथित तौर पर अलग से निजी परिसर से चलाई जा रही थीं जो कि मुख्य परिसर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। इसके साथ ही नोटिस में स्कूल से स्टाफ भर्ती, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, चाइल्ड सेफ्ट पॉलिसी, आरोपी पर सस्पेंशन प्रक्रिया, फायर और बिल्डिंग सेफ्टी और अलग परिसर में कक्षाएं चलाने को लेकर सोमवार (11) मई तक जवाब देने के लिए कहा गया था।
सोमवार दोपहर तक नहीं मिला जवाब तो एक्शन की तैयारी
नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि तय समय तक संतोषजनक जवाब नहीं देने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी, मैनेजमेंट सरकार अपने हाथ में ले लेगी और दिल्ली विकास प्राधिकरण से जमीन की लीज रद्द या आवंटन रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। मामले पर नजर रख रहे अधिकारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर तक स्कूल मैनेजमेंट की ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला और विभाग स्कूल के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की योजना बना रहा है।
अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, नर्सरी की छात्रा के साथ हुए कथित यौन शोषण के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) (नाबालिगों से बलात्कार से संबंधित) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि बच्ची द्वारा आरोपी की पहचान किए जाने के बाद, 57 वर्षीय स्कूल केयरटेकर को 1 मई को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, अभियोजन पक्ष के कड़े विरोध के बावजूद, 7 मई को द्वारका की एक कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी थी। पुलिस ने कहा कि वे स्कूल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं।
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