दिल्ली के बस अड्डों में जल्द एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं! वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट, ऑटोमेटेड टिकटिंग से होंगे लैस
परिवहन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि 'आईएसबीटी की जमीन के हिस्से का इस्तेमाल कमर्शियल एक्टिविटी के लिए भी करने की योजना है। इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कैफे, ऑफिस, बजट होटल, छात्रों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। इससे सरकार के रेवन्यू में बढ़ोतरी तो होगी ही साथ ही यात्रियों को भी फायदा होगा।'

दिल्ली के तीन अंतरराज्यीय बस अड्डों (आईएसबीटी) कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां का कायाकल्प होने जा रहा है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DTIDC) अगले महीने से इसरपर काम शुरू करने जा रहा है जिसे अगले 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। DTIDC अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना पर लगभग 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिनमें सिविल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोमैकेनिकल मरम्मत की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजेर इन्फॉर्मेशन सिस्टम, एंट्री गेट पर RFID आधारित मॉनिटरिंग, रियल-टाइम जानकारी के लिए एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल ऑटोमेटेड टिकटिंग मशीनें लगाई जाएंगी। पैसेंजर्स की सुविधा के लिए एस्केलेटर और ट्रैवलर्स (मूविंग वॉकवे) लगाए जाएंगे जिससे यात्रियों को ज्यादा पैदल न चलना पड़े। इनके अलावा बसे अड्डों के परिसर में ही नए फूड कोर्ट, क्लॉकरूम, बेबी फीडिंग और चेंजिंग एरिया के साथ-साथ शानदार वेटिंग लाउंज किए जाएंगे। यही नहीं बसों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग स्ट्रक्चर का निर्माण होगा। इसके साथ ही बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी सुधारा जाएगा।
यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधा
मालूम हो कि बीते साल मई में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ही इस परियोजना की जानकारी दी थी। अधिकारियों संग जुलाई में बैठक भी की थी जिसमें यात्री सुविधाओं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाने के निर्देश दिए थे। दिल्ली सरकार राजधानी के तीनों अंतरराज्यीय बस अड्डों को इस तरह विकसित करना चाहती जिससे यहां आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह महसूस हो। सरकार का लक्ष्य है कि यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधा दी जाए।
वाहनों की भीड़भाड़ कम करने के लिए व्हीकल फ्री जोन, ऊंचे गलियारे और पैदल यात्रियों के लिए सुगम मार्ग बनाए जाएंगे। वहीं बस अड्डों के बाहर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए भी ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर काम किया जाएगा। आने वाले वर्षों में इन टर्मिनलों से रोजाना लाखों यात्री सफर करेंगे। ऐसे में सरकार इन्हें इस तरह से विकसित कर रही है जिससे भविष्य में यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कमर्शियल एक्टिविटी भी शुरू करने की तैयारी
परिवहन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि 'आईएसबीटी की जमीन के हिस्से का इस्तेमाल कमर्शियल एक्टिविटी के लिए भी करने की योजना है। इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कैफे, ऑफिस, बजट होटल, छात्रों के लिए आवास विकसित किए जाएंगे। इससे सरकार के रेवन्यू में बढ़ोत्तरी तो होगी ही साथ ही यात्रियों को भी फायदा होगा।'
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन