सावधान दिल्ली! RML अस्पताल में हीट स्ट्रोक का पहला मरीज भर्ती, न करें ये गलतियां
आईएमडी ने इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की हुई है। ऐसे में राजधानी में पहले हीट स्ट्रोक केस ने अस्पतालों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में 21 और 22 मई को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

दिल्लीवासी इन दिनों तपती गर्मी और लू (हीटवेव) के थपेड़ों से जूझ रहे हैं। अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है तो वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है। इस बीच दिल्ली में इस सीजन का हीट स्ट्रोक का पहला मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय छात्र को गंभीर हालत में राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में भर्ती कराया गया है।
एनडीटीवी के मुताबिक, छात्र को रात में 1 बजकर 45 मिनट में अस्पताल में भर्ती किया गया। छात्र को लगातार उलटी, डायरिया और घबराहट हो रही थी। इस दौरान शरीर का तापमान 105 डिग्री फारेनहाइट (40.6 डिग्री सेल्सियस) से ज्यादा था। डॉक्टर ने छात्र की जांच की तो हीट स्ट्रोक की पुष्टि की।
सबसे गंभीर और जानलेवा स्थिति
बता दें कि हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे गंभीर और जानलेवा स्थिति है, इसमें शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और खुद को ठंड नहीं कर पाता। मरीज की हालात गंभीर स्थिति में पहुंचने पर यह बीमारी दिल, दिमाग और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
भीषण लू चलने की चेतावनी जारी
आईएमडी ने इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की हुई है। ऐसे में राजधानी में पहले हीट स्ट्रोक केस ने अस्पतालों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली में 21 और 22 मई को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, और 26 मई तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।
लू के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही
दिल्ली में गर्मी बढ़ने के बीच दिल्ली के अस्पतालों में लू मरीजों (हीट एग्जॉस्टशन) की संख्या भी बढ़ी है। तापमान सामान्य से ऊपर बने रहने के कारण थकावट, मांसपेशियों में ऐंठन, शरीर में पानी की कमी, सुस्ती और शरीर में जरूरी पोषक तत्व का संतुलन बिगड़ने से लू मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है।
हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉस्टशन से कैसे बचें?
दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, ढीले सूती कपड़े पहनें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। सिर्फ सादा पानी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थ, ओआरएस, नींबू पानी, सूप और मौसमी फलों के रस का सेवन करें। शरीर को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाएं जिससे तापमान नहीं बढ़ेगा और आप हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉस्टशन की स्थिति तक नहीं पहुंचेंगे।
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