दिल्ली में बादलों ने बदला मौसम, 3 डिग्री तक गिरा पारा; आज और कल कैसा रहेगा हाल
दिल्ली में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। धूप कम रहने के कारण अधिकतम तापमान में एक दिन पहले की तुलना में तीन डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। धूप कम रहने के कारण अधिकतम तापमान में एक दिन पहले की तुलना में तीन डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि रविवार को राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है, लेकिन गुरुवार की तुलना में 3.2 डिग्री तापमान कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.3 डिग्री ज्यादा है। हवा की गति बढ़ने से वायु गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। शुक्रवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 189 दर्ज किया गया।
आज कितना रहेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके साथ ही दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही भी लगी रहेगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 'समीर' ऐप के अनुसार 18 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रही, जबकि 26 केंद्रों पर यह 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई।
सर्दी से सीधे गर्मी, बसंत गायब
देश में इस वर्ष सर्दी ने फरवरी के पहले पखवाड़े में ही विदाई ले ली और असामान्य रूप से जल्दी गर्मी बढ़ने लगी। एक और साल ऐसा देखने को मिला जब वसंत ऋतु लगभग नदारद रही। देश के कई हिस्सों में समय से काफी पहले ही हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनने लगीं। क्लाईमेट ट्रेंडस के एक विश्लेषण के अनुसार, इस वर्ष गर्मी ने जल्दी दस्तक दे दी है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े से ही उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान मौसमी औसत से काफी ऊपर पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर तापमान पहले ही हीटवेव की सीमा को छूने लगा है और कई मौसम केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जो सामान्य से 5 से 7 डिग्री अधिक है।
‘राहत की उम्मीद नहीं’
आमतौर पर ला नीना की स्थिति वैश्विक तापमान को कुछ हद तक ठंडा करने का काम करती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती वैश्विक गर्मी ने इन पारंपरिक मौसमीय पैटर्न को बदलना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने भी ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं जताई है। विभाग के अनुसार मार्च से मई के पूरे मौसम के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव दिनों की संभावना है।
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