काजू का पैकेट चुराने के आरोप में महिला को बेहोश होने तक पीटा, दिल्ली में सनसनीखेज घटना
दिल्ली में एक महिला से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक आदमी ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को एक कमरे में बंद कर दिया गया और तीन महिलाओं ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उन महिलाओं ने उसकी पत्नी पर काजू का एक पैकेट चुराने का आरोप लगाया था।

दिल्ली में एक महिला से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक आदमी ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी को एक कमरे में बंद कर दिया गया और तीन महिलाओं ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। उन महिलाओं ने उसकी पत्नी पर काजू का एक पैकेट चुराने का आरोप लगाया था।
एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह घटना 28 मार्च के बीच हुई। महिला काम से घर लौट रही थी और एक सरकारी स्कूल के पास स्थित किराने की दुकान पर रुकी थी। अपनी शिकायत में महिला ने दावा किया कि काउंटर पर अपनी खरीदारी पूरी करने के बाद तीन महिलाओं ने उससे उसके सामान का बिल दिखाने की मांग की। जब वह बिल निकालने लगी तो कथित तौर पर उन तीनों ने उसे धक्का दिया, गालियां दीं और उस पर चोरी का आरोप लगाया।
जब उसने विरोध किया तो कथित तौर पर आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे स्टोर के पीछे बने गोदाम में घसीटकर ले गए। वहां उन्होंने उसके साथ मारपीट की। पीड़िता ने बताया कि एक आदमी ने थोड़ी देर के लिए बीच-बचाव किया, लेकिन हमला जारी रहा। हमले के दौरान उसे चोटें आईं, जिसमें उसकी दाईं आंख के नीचे सूजन और उसके दाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उसने बताया कि हमले के दौरान वह बेहोश हो गई।
एफआईआर के अनुसार, उसे अपने पति की आवाज सुनकर होश आया। उसके पति वहां तब पहुंचे थे जब स्टोर के किसी कर्मचारी ने उन्हें जल्दी आने के लिए कहा था। स्टोर के कर्मचारियों ने आखिरकार उसका मोबाइल फोन लौटा दिया, जिसके बाद पीसीआर को फोन किया गया। इसके बाद एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची और महिला को बुराड़ी सरकारी अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने एक मेडिको-लीगल केस दर्ज किया। बाद में उसे आगे के इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि महिला ने अस्पताल में तुरंत अपना बयान नहीं दिया। उसने कहा कि वह अपना इलाज पूरा होने के बाद बयान देगी। 30 मार्च को अपने पति के साथ वह थाना गईं। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 127(2) (गलत तरीके से कैद करना) और 3(5) (सामूहिक इरादा) के तहत मामला दर्ज किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कर रहे हैं।
इस बीच, उस व्यक्ति ने आरोप लगाया कि स्टोर के कर्मचारियों ने उसकी पत्नी पर काजू का एक पैकेट चुराने का आरोप लगाया, जिसके बाद जब उसकी पत्नी ने पलटवार किया तो दोनों के बीच बहस हो गई। उसने पीटीआई को बताया कि यह उनकी पहली विज़िट नहीं थी। हम हर 15 दिन में नियमित रूप से वहां शॉपिंग करते हैं। जब मेरी पत्नी ने अपने बैग का सामान दिखाने के लिए उसे खोला तो एक स्टाफ मेंबर ने उसका फोन छीन लिया। जब उसने उनसे पूछा कि उसका फोन क्यों लिया तो बात बढ़ गई।
उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी को स्टोर के पिछले हिस्से में ले जाया गया, जहां एक आदमी ने उसका फोन पकड़ रखा था, जबकि तीन महिलाओं ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गई। उसने कहा कि जब उसने दो घंटे से ज्यादा समय तक बार-बार उसे फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला तो उसे शक हुआ। आखिरकार किसी ने उसका फोन उठाया और मुझसे कहा कि मैं स्टोर आकर अपनी पत्नी को ले जाऊं।
उसने बताया कि स्टोर पहुंचने पर देखा कि बाहर 15 से 20 आदमी खड़े थे। किसी ने मुझे बताया कि वह अंदर एक शेल्फ के पास बेहोश पड़ी है। जब उसे होश आया तो वह लगातार रोने लगी। उसके बाद पुलिस को बुलाया गया।




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