दिल्ली में यमुना का पानी हुआ जहरीला! तीन गुना तक बढ़ा अमोनिया का स्तर; क्या है वजह?
यमुना में अमोनिया का स्तर 3 ppm पार होने से वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 50 प्रतिशत तक घट गई है, जिससे मध्य, उत्तर और दक्षिण दिल्ली के दर्जनों इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी।

दिल्ली में यमुना का पानी एक बार फिर से जहरीला हो गया है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यमुना नदी में वजीराबाद के ऊपरी हिस्से में कच्चे पानी में अमोनिया का स्तर बुधवार सुबह 3 ppm से अधिक दर्ज किया गया। यह स्तर जल बोर्ड द्वारा सुरक्षित माने जाने वाले अधिकतम 1 ppm की सीमा से तीन गुना ज्यादा है। इतना उच्च अमोनिया प्रदूषण का स्पष्ट संकेत है, जो मुख्य रूप से औद्योगिक अपशिष्ट और केमिकल से आता है।
उच्च अमोनिया से ट्रीटमेंट में समस्या
जल बोर्ड के प्लांट्स अधिकतम 0.9 ppm तक अमोनिया को सुरक्षित रूप से ट्रीट कर सकते हैं। इससे ज्यादा होने पर क्लोरीन से न्यूट्रलाइजेशन के दौरान जहरीले क्लोरामाइन कंपाउंड बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को कम क्षमता पर चलाना पड़ रहा है।
क्या है यमुना के प्रदूषण की वजह?
जल बोर्ड का आरोप है कि अमोनिया युक्त केमिकल, डाई और क्लोराइड पनिपत के इंडस्ट्रियल ड्रेन से यमुना में पहुंच रहे हैं। सोनीपत में भी फ्रेश वाटर और इंडस्ट्रियल वेस्ट कैनाल के बीच सिर्फ रेत की पतली दीवार है, जहां मिश्रण होने की आशंका रहती है। हरियाणा इन आरोपों को बार-बार खारिज करता रहा है। पिछले कई सालों से यह समस्या सर्दियों में बार-बार उभरती है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
लोग हो रहे परेशान
नॉर्थ दिल्ली रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक भसीन ने कहा कि कई सरकारें बदल गईं, लेकिन ट्रीटमेंट प्लांट्स को अपग्रेड करने या अतिरिक्त बफर स्टोरेज बनाने जैसे कदम नहीं उठाए गए। यह प्रदूषण न केवल पानी की गुणवत्ता बिगाड़ रहा है, बल्कि बार-बार संकट पैदा कर रहा है।
पानी की आपूर्ति पर असर
इस अमोनिया प्रदूषण के कारण वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट्स में पानी उत्पादन 25-50 प्रतिशत तक कम हो गया है। इसलिए शहर के कई इलाकों में पानी कम दबाव पर मिल रहा है या कुछ जगहों पर पूरी तरह बंद है। जल बोर्ड ने लोगों से पानी समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है और हेल्पलाइन 1916 पर टैंकर मंगवाने की सुविधा उपलब्ध कराई है।
कौन-कौन से इलाके प्रभावित
वजीराबाद प्लांट से प्रभावित क्षेत्र: डिफेंस कॉलोनी, मजनू का टीला, ISBT, NDMC क्षेत्र, ITO, हंस भवन, LNJP अस्पताल, CGO कॉम्प्लेक्स, राजघाट, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, गुलाबी बाग, तिमारपुर, पंजाबी बाग, आजादपुर, शालीमार बाग, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, मॉडल टाउन, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, कैंटोनमेंट के कुछ हिस्से और दक्षिण दिल्ली के अन्य इलाके।
चंद्रावल प्लांट से प्रभावित क्षेत्र: NDMC, करोल बाग, झंडेवालान, हिंदू राव, सिविल लाइंस, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, शादीपुर आदि।




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