उत्तम नगर होली हिंसा मामले में आरोपी के घर पर फिर MCD का बुलडोजर ऐक्शन, रहने लायक नहीं छोड़ा
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) प्रशासन ने गुरुवार को उत्तम नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की। इस साल होली के दिन यहां तरुण नामक एक युवक की हत्या कर दी गई थी। एमसीडी ने तरुण मर्डर केस के आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया और उसे उपयोग करने के लायक नहीं छोड़ा। निगम ने यह कार्रवाई एटीसी के आदेश पर की।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) प्रशासन ने गुरुवार को उत्तम नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की। इस कार्रवाई के तहत निगम के पश्चिम जोन के बिल्डिंग विभाग ने दिल्ली पुलिस की टीम के साथ मिलकर अवैध कब्जे और अतिक्रमण को ध्वस्त किया। स्थानीय लोगों के अनुसार इस वर्ष होली के दिन एक शख्य की हत्या के मामले में आरोपी के मकान पर निगम प्रशासन ने कार्रवाई की है। इस संबंध में निगम अधिकारियों ने बताया कि हमारा लॉ एंड ऑर्डर से कोई लेना देना नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई निगम के अपीलीय न्यायाधिकरण कोर्ट (एटीसी) के आदेश के तहत की गई है। तीन मकानों को मिलाकर दो इमारत दो मकानों को मिलाकर एक इमारत बनाए गए। नियम अनुसार दो मकानों को जोड़कर इमारत नहीं बनाया जा सकता है।
उपयोग नहीं किया जा सकता
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के अपीलीय न्यायाधिकरण कोर्ट (एटीसी) के बुधवार को डेढ़ घंटे की सुनवाई के बाद शाम चार बजे आए आदेश के तहत नगर निगम प्रसाशन ने यह कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि जिन इमारतों में तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है, उसका उपयोग अब नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर कार्रवाई हुई वहां पर गली छोटी होने के कारण इन इमारतों को कर्मचारियों ने जेसीबी के जरिए और हाथों से मिलकर तोड़फोड़ की है। इमारत को इस तरह से ध्वस्त किया गया है कि अब इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।
13 अप्रैल को भी तोड़फोड़ हुई थी
इससे पहले 13 अप्रैल को निगम प्रशासन ने इन्हीं इमारतों में तोड़फोड़ की थी। तब इस कार्रवाई के खिलाफ इमारत के मालिक दिल्ली हाई कोर्ट चले गए थे। तब उन्हें दो सप्ताह का स्टे (कार्रवाई पर रोक) मिल चुका था और इस मामले को निगम की न्यायाधिकरण कोर्ट (एटीसी) में सुनवाई के लिए कहा गया था। इसके बाद इमारत के मालिक ने निगम के एटीसी में सुनवाई के लिए मंगलवार को अपील की। इसके बाद बुधवार को एटीसी ने फैसला सुनाया।
एटीसी में होती है अनधिकृत निर्माण पर सुनवाई
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अपीलीय न्यायाधिकरण (अपीलेट ट्रिब्यूनल) कोर्ट एक वैधानिक निकाय है जो अनधिकृत निर्माण, डिमोलिशन आदेश, और सीलिंग जैसे एमसीडी के फैसलों के खिलाफ अपील सुनता है। यह दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 347 ए के तहत गठित है। इसका उद्देश्य नागरिक कानूनों से जुड़े विवादों का त्वरित समाधान करना है।




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