दिल्ली उत्तम नगर तरुण मर्डर मामलाः पुलिस ने एक और धारा जोड़ी, अब तक 7 लोग गिरफ्तार
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और धारा जोड़ी है। इस मामले में एक नाबालिग समेत अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। झड़प में आठ लोग घायल हुए। एक पक्ष से तीन और दूसरे पक्ष से पांच। इनमें से अधिकांश को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और धारा जोड़ी है। इस मामले में एक नाबालिग समेत अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि झड़प में आठ लोग घायल हुए। एक पक्ष से तीन और दूसरे पक्ष से पांच। इनमें से अधिकांश को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद
पुलिस ने शनिवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच हुए झगड़े में 26 साल के युवक की मौत के सिलसिले में एक नाबालिग समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस ने यह भी बताया कि शनिवार को एफआईआर में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।
पिछले दो दिनों से विरोध प्रदर्शन
4 मार्च को हुई इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साई भीड़ ने कई वाहनों को तोड़फोड़ कर आग लगा दी। पिछले दो दिनों से हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते इलाके में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि बुधवार को रात करीब 11:09 बजे उत्तम नगर थाने में एक कॉल आया, जिसमें इलाके की जेजे कॉलोनी में अलग-अलग समुदायों के पड़ोसियों के बीच झगड़े की सूचना दी गई।
दोनों परिवार मूल रूप से राजस्थान के
द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि दोनों परिवार पिछले पांच दशकों से एक-दूसरे को जानते थे। पार्किंग और कचरा फेंकने जैसे मुद्दों पर उनके बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। सिंह ने बताया कि दोनों परिवार मूल रूप से राजस्थान के हैं। पहले वे राजेंद्र नगर की झुग्गी बस्ती में रहते थे और 2004 के बाद यहां आकर बस गए। शुरुआती जांच में पता चला कि विवाद तब शुरू हुआ जब एक परिवार की लड़की ने गलती से पानी का गुब्बारा फेंक दिया, जो दूसरे परिवार की एक महिला को लग गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई।
इलाज के दौरान तरुण की मौत
पुलिस ने बताया कि झड़प में आठ लोग घायल हुए। एक पक्ष से तीन और दूसरे पक्ष से पांच। इनमें से अधिकांश को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, 26 साल के तरुण को गंभीर चोटें आईं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया तथा एक नाबालिग को हिरासत में लिया। 5 मार्च को इलाज के दौरान तरुण की मौत हो गई, जिसके बाद मामले में हत्या से संबंधित धारा जोड़ी गई। उन्होंने बताया कि दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या सात हो गई है। इनमें छह वयस्क और एक नाबालिग शामिल हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
आरोपियों की पहचान उमरदीन (49 वर्ष), जुम्मदीन और कमरुद्दीन (दोनों की उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई है। नाबालिग के अलावा अन्य तीन मुस्तैक (46), मुजफ्फर (25) और ताहिर (18) हैं। पुलिस ने घटना को अलग रंग देने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
तरुण के लिए न्याय की मांग
शुक्रवार को इलाके में तनाव तब बढ़ गया जब एक कार और एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई। हिंदू राजनीतिक संगठनों के विरोध प्रदर्शन ने तरुण के लिए न्याय की मांग करते हुए कई घंटों तक ट्रैफिक बाधित कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्य उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे जमा हुए और मुख्य सड़क को अवरुद्ध कर दिया। बार-बार अपील करने के बावजूद जब वे सड़क खाली करने के लिए राजी नहीं हुए तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।




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