मस्जिद नहीं सिर्फ अवैध अतिक्रमण हटाया गया, दिल्ली में बुलडोजर एक्शन के पीछे की पूरी कहानी
पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाईकोर्ट के आदेश पर एमसीडी ने देर रात भारी पुलिस बल के साथ अवैध निर्माण हटाया, जिस दौरान उपद्रवियों की पत्थरबाजी के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में देर रात एमसीडी ने बड़ा एक्शन किया। भारी पुलिस की मौजूदगी में एमसीडी ने सदियों पुरानी फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाए गए। इस दौरान पुलिस पर कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की। हालांकि पुलिस ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया। अभी भी एमसीडी का एक्शन जारी है। आखिर देर रात इतना बड़ा एक्शन क्यों हुआ? इसका विरोध क्यों हो रहा है? पूरी बात हम बता रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
एमसीडी ने ये कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर की है। 12 नवंबर 2025 में कोर्ट ने रामलीला ग्राउंड के पास करीब 39 हजार वर्ग फुट अतिक्रमण तीन महीने में हटाने का आदेश दिया था। इसमें सड़क, फुटपाथ, पार्किंग और कुछ निजी निर्माण शामिल थे। इसके बाद दिसंबर 2025 में एमसीडी ने नोटिस जारी किया कि मस्जिद वाली 0.195 एकड़ जमीन से आगे की सभी संरचनाएं अवैध हैं, क्योंकि मालिकाना हक के कोई दस्तावेज नहीं मिले। मस्जिद कमेटी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
आखिर क्यों हो रहा एक्शन विरोध?
मस्जिद के पास अवैध निर्माण से यहां के स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। तुर्कमान गेट की गलियां और संकरी होती जा रही हैं। मस्जिद की मैनेजिंग कमेटी का कहना है कि ये जमीन वक्फ एक्ट के तहत नोटिफाइड वक्फ संपत्ति है। वे दिल्ली वक्फ बोर्ड को लीज रेंट दे रहे हैं। उनका मुख्य विरोध कब्रिस्तान को बचाने का है। उनका तर्क है कि ऐसे विवाद सिर्फ वक्फ ट्रिब्यूनल ही तय कर सकता है, एनसीडी नहीं।
देर रात में हुआ हंगामा
रात करीब 1 बजे से बुलडोजर चलने शुरू हुए। कुछ हिस्सों में विरोध हुआ और लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने जवाब में आंसू गैस के गोले दागे। डीसीपी निधिन वलसन ने बताया कि पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने न्यूनतम बल इस्तेमाल किया और स्थिति जल्द काबू में आ गई। कार्रवाई सुचारू रूप से पूरी हुई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बुलडोजर दीवारें गिराते और आंसू गैस की धुंध दिख रही है।




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