27 लाख के लोन की EMI और रोज के झगड़े... SWAT कमांडो की हत्या की इनसाइड स्टोरी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात SWAT कमांडो काजल चौधरी की उनके पति ने डंबल से वार कर हत्या कर दी। जांच में सामने आया कि 27 लाख रुपये के होम लोन की EMI और पारिवारिक विवाद को लेकर यह खूनी वारदात हुई।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात एक महिला SWAT कमांडो की हत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने कमांडो काजल चौधरी की हत्या की गुत्थी सुलझा दी है। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि यह हत्या महज गुस्से का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे 27 लाख रुपये का होम लोन और उसकी EMI का विवाद था। पुलिस के मुताबिक, जिस फ्लैट की किश्तें सुकून छीन रही थीं, उसी को लेकर हुए झगड़े ने काजल की जान ले ली।
27 लाख का लोन बना जी का जंजाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, काजल और उनके पति अंकुर ने द्वारका मोड़ इलाके में एक घर खरीदा था। इसके लिए दंपति ने 27 लाख रुपये का लोन लिया था। पुलिस का कहना है कि इसी लोन की किश्तें चुकाना दोनों के बीच भारी तनाव की वजह बन गया था। आरोपी पति अंकुर ने पूछताछ में बताया कि दोनों आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे, लेकिन काजल द्वारका वाले फ्लैट को खरीदने की जिद पर अड़ी थी।
फोन पर भाई सुन रहा था चीखें
घटना 22 जनवरी की रात की है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मोहन गार्डन स्थित घर में EMI और लोन को लेकर बहस इतनी बढ़ गई कि वह हिंसा में बदल गई। पुलिस ने बताया कि जिस वक्त अंकुर ने हमला किया, काजल अपने भाई से फोन पर बात कर रही थीं। बहस के दौरान गुस्से में आकर अंकुर ने जिम में इस्तेमाल होने वाले डंबल से काजल के सिर पर वार कर दिया। 24 साल की काजल 4 महीने की गर्भवती थीं। 5 दिन तक अस्पताल में लड़ने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

अलग रहना चाहती थीं काजल
सिर्फ EMI ही नहीं, इस झगड़े की एक वजह ससुराल में क्लेश भी था। सूत्रों के मुताबिक, काजल पति के परिवार से अलग रहना चाहती थीं। काजल के परिवार का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद से ही उसे दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। आरोपी पति का दावा है कि काजल अपने परिवार की भी आर्थिक मदद करती थी और पुराने लोन भी चुका रही थी, जिससे उन पर बोझ बढ़ गया था।




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