दिल्ली में जल्द आएगी नई स्टार्टअप पॉलिसी, 5 साल में 325 करोड़ निवेश का लक्ष्य; क्या होगा खास?
दिल्ली सरकार जल्द नई स्टार्टअप पॉलिसी लाएगी, जिसके तहत 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स बनाने का लक्ष्य है। 'कैंपस टू मार्केट' पहल के जरिए छात्रों को मेंटरशिप और 325 करोड़ रुपये तक की फंडिंग सहायता दी जाएगी।

दिल्ली सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने घोषणा की कि दिल्ली स्टार्टअप पॉलिसी जल्द लाई जाएगी। इस पॉलिसी के तहत अगले पांच सालों में 325 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसका लक्ष्य 2035 तक दिल्ली में 5,000 स्टार्टअप्स विकसित करना है।
पॉलिसी में क्या होगा खास?
पॉलिसी में इंक्यूबेशन, फंडिंग, इंडस्ट्री से जुड़ाव और मार्केट एक्सेस जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इसका फोकस छात्रों और युवाओं पर है, ताकि उनके आइडिया आसानी से बाजार तक पहुंच सकें।
‘कैंपस टू मार्केट’ पहल शुरू
सरकार ने ‘कैंपस टू मार्केट’ पहल शुरू की है। इसके जरिए स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और आईटीआई के छात्रों को एक साथ जोड़ा जा रहा है। शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता को जोड़कर पूरा इकोसिस्टम बनाया जा रहा है। मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'आज का युवा सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं रहा, बल्कि नौकरी पैदा करने वाला बन रहा है। हम दिल्ली को भारत का स्टार्टअप हब बनाने जा रहे हैं।'
युवा स्टार्टअप फेस्टिवल में जोश
दिल्ली स्टार्टअप युवा फेस्टिवल में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। यह फेस्टिवल डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित हुआ। इसमें 11 यूनिवर्सिटी, कई कॉलेज और आईटीआई के छात्रों ने हिस्सा लिया। फेस्टिवल का उद्घाटन केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं।
स्टार्टअप्स को मिली फंडिंग
फेस्टिवल में टॉप 6 स्टूडेंट-लेड स्टार्टअप्स को 10-10 लाख रुपये का इक्विटी-फ्री ग्रांट दिया गया। साथ ही टॉप 100 स्टार्टअप्स को 1-1 लाख रुपये की फाइनेंशियल मदद मिली। यह मदद शुरुआती जोखिम कम करने और आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए दी गई। मंत्री सूद ने जोर दिया कि ‘कैंपस टू मार्केट’ अब सिर्फ नारा नहीं है। यह एक मजबूत सिस्टम है, जहां मेंटरशिप, फंडिंग और मार्केट सपोर्ट आसानी से मिलेगा।




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