अब मिलेगी जाम से मुक्ति! दिल्ली में शुरु होने वाली राइट-लेफ्ट पार्किंग योजना क्या है?
अधिकारियों का कहना है कि एक बार यह प्रोजेक्ट पूरी तरह फाइनल हो जाने के बाद, वे पार्किंग की पाबंदियों का एक निश्चित शेड्यूल (समय-सारणी) तैयार करेंगे। इसके साथ ही, बाजारों में आने-जाने वालों की सुविधा के लिए साइनबोर्ड और सड़कों पर निशान भी लगाए जाएंगे।

दिल्ली के बाजारों की संकरी सड़कों पर रोजाना लगने वाले भारी जाम को सुलझाने के लिए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार को एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है। दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित कृष्णा मार्केट में "राइट-लेफ्ट पार्किंग" (दाएं-बाएं पार्किंग) नाम की एक नई पहल की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत, अब रोज सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी नहीं की जा सकेंगी। इसके बजाय, एक दिन सड़क के एक तरफ (जैसे बाईं ओर) पार्किंग होगी और अगले दिन दूसरी तरफ (दाईं ओर)। इसका उद्देश्य उस अफरा-तफरी को खत्म करना है, जिसकी वजह से बाजारों की मुख्य सड़कें अक्सर बंद हो जाती हैं।
एक्सपर्ट्स को एक बात की दिक्कत
ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि फिलहाल सड़कों के दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी होने से आने-जाने वालों के लिए बहुत दिक्कत होती है। उन्होंने कहा, "अगर गाड़ियां सिर्फ एक तरफ खड़ी होंगी, तो सड़क पर काफी जगह बच जाएगी और दोनों तरफ का ट्रैफिक आसानी से निकल सकेगा।" हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इस योजना को लेकर थोड़े संशय में हैं। उनका मानना है कि इतने जटिल नियम को रोजाना सही तरीके से लागू करना और लोगों को इसके लिए मनाना काफी मुश्किल भरा काम हो सकता है।
डीटीसी कर्मचारी होंगे तैनात
अधिकारियों का कहना है कि एक बार यह प्रोजेक्ट पूरी तरह फाइनल हो जाने के बाद, वे पार्किंग की पाबंदियों का एक "निश्चित शेड्यूल" (समय-सारणी) तैयार करेंगे। इसके साथ ही, बाजारों में आने-जाने वालों की सुविधा के लिए साइनबोर्ड और सड़कों पर निशान भी लगाए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी और उनके साथ करीब 1,200 डीटीसी (DTC) कर्मचारी इन मार्केट में तैनात रहेंगे ताकि यह पक्का किया जा सके कि लोग नियमों का पालन कर रहे हैं।
बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने कालकाजी की कृष्णा मार्केट में इसका ट्रायल किया। यहां की मुख्य सड़क काफी संकरी है और इसके दोनों तरफ दुकानें हैं। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की पार्किंग की वजह से जिसमें दुकानदार और पीछे रहने वाले लोग भी शामिल हैं,रास्ता बहुत छोटा रह जाता है। इस वजह से बाजार आने वाले लोगों के लिए थोड़ी दूर का सफर भी किसी बुरे सपने जैसा हो जाता है।
पूरी तरह से लागू होने में समय
जब 'हिन्दुस्तान टाइम्स' (HT) ने मार्केट का दौरा किया, तो उस दो किलोमीटर लंबे रास्ते पर 12 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात थे और एक इंस्पेक्टर समेत तीन सीनियर ऑफिसर हालात पर नजर रख रहे थे। उस दिन गाड़ियों को केवल सड़क की दाईं तरफ खड़ा करने की अनुमति थी। बुधवार को अधिकारियों ने खुद लोगों को इन पाबंदियों के बारे में बताया, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गुरुवार से वहां साइनबोर्ड और मार्किंग (निशान) भी लगा दिए जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, यह प्लान बिना किसी रुकावट के लागू हुआ और ट्रैफिक काफी सुचारू रूप से चल रहा था। यह ट्रायल कम से कम एक हफ्ते से 10 दिनों तक चलेगा, जिसके बाद एक रिपोर्ट तैयार कर फाइनल मंजूरी ली जाएगी। हालांकि, यह नियम पूरी तरह कब से लागू होगा, इसकी अभी कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है।

एक वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे पूरी दिल्ली के बाजारों में लागू किया जाएगा। फिलहाल ऐसे बाजारों की लिस्ट तैयार की जा रही है, लेकिन चर्चा के दौरान लक्ष्मी नगर के छोटे बाजारों, अशोक विहार के मुख्य बाजार और सरोजनी नगर के पास वाले साइड मार्केट के नाम सामने आए हैं, जहाँ अक्सर भारी जाम लगा रहता है।
एक वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में योजना यह थी कि पार्किंग को सड़क की केवल एक तरफ ही सीमित कर दिया जाए। हालांकि, कृष्णा मार्केट के हितधारकों (stakeholders) के साथ इस हफ्ते और पिछले हफ्ते हुई दो बैठकों में दुकानदारों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने इसका विरोध किया। अधिकारी ने कहा, "उनका कहना था कि उन्हें अपनी तरफ की सड़क पर भी पार्किंग की अनुमति मिलनी चाहिए। उनके सहयोग और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए, हमने 'अल्टरनेट पार्किंग' (एक दिन छोड़कर एक तरफ पार्किंग) का फैसला किया। हमें उम्मीद है कि ज्यादातर बाजारों में यही स्थिति बनेगी।"
कालकाजी के स्थानीय निवासियों ने यह सवाल भी उठाया कि यदि कारों की संख्या उतनी ही रही, तो यह योजना कैसे प्रभावी होगी? इस पर अधिकारी ने कहा, "हमने उन्हें समझाया कि कारों को अब सड़क के समानांतर (horizontally) नहीं, बल्कि तिरछा (diagonally) खड़ा किया जाएगा, जिससे अधिक जगह बचेगी। साथ ही, ऑटो और ई-रिक्शा पर भी ट्रैफिक पुलिस कड़ी नजर रखेगी।"
दूसरी ओर, सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एस. वेलमुरुगन ने कहा, "इस पहल की सफलता पूरी तरह से सड़क पर बने निशानों और साइनबोर्डों पर निर्भर करती है।" उन्होंने गौर किया कि बुधवार को कृष्णा मार्केट के ट्रायल के दौरान ये मौजूद नहीं थे। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्किंग और आने-जाने वाले ट्रैफिक के लिए स्पष्ट रेखाएं खींची जानी चाहिए। वेलमुरुगन ने यह भी कहा कि दिल्ली में जिस तरह से लोग नियमों का उल्लंघन करते हैं, उसे देखते हुए पुलिस को सख्ती बरतनी होगी। उन्होंने कहा, "जब तक गलत पार्किंग के लिए भारी जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, तब तक लोग इसे गंभीरता से नहीं लेंगे और यह योजना सफल नहीं होगी।"




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