दुनिया बहुत बुरे दिन देखने जा रही…, अली खामेनेई की मौत पर दिल्ली के शिया इमाम की चेतावनी
खामेनेई की हत्या पर दिल्ली स्थित शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद अली मोहसिन तकवी ने कहा, दुनिया बहुत बुरे दिन देखने जा रही है। किसी भी हुकूमत को बमों के जरिए खत्म किया जा सकता है।

अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई है। खामेनेई की हत्या पर दिल्ली स्थित शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद अली मोहसिन तकवी ने कहा, "दुनिया बहुत बुरे दिन देखने जा रही है। किसी भी हुकूमत को बमों के जरिए खत्म किया जा सकता है।" खामनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद भारत के कई हिस्सों में शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए हैं। उनके द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। दिल्ली स्थित ईरान कल्चरल सेंटर पर खामनेई की मौत पर दुख जताने भी लोग पहुंचे।
दुनिया बुरे दौर से गुजर रही
खामनेई को मारे जाने पर मौलाना अली मोहसिन तकवी ने पीटीआई से बाचतीच में कहा- “दुनिया बहुत बुरे दिन देखने जा रही है। किसी भी देश के राष्ट्रपति को उठा लिया जा सकता है। किसी भी हुकूमत को बमों के जरिए खत्म किया जा सकता है। अब इसी तरह के हालात को दुनिया इससे भी भयानक हालात में देखेगी।”
अमेरिका जिसे चाहे खत्म कर देगा
उन्होंने डर जाहिर करते हुए आगे कहा- "आज ईरान है, कल को तुर्की होगा, फिर सऊदी अरब होगा। और इसी तरह एक एक करके सबकी नौबत आएगी। इससे यही पैगाम मिलता है।" खामनेई की मौत पर मौलाना ने दुखी होते हुए आगे कहा- "हम इस बात के ऊपर गमज़दा हैं। किसी भी देश की कोई अहमियत नहीं रहेगी। अमेरिका जिसे चाहेगा, वो जिंदा रहेगा। जिस हुकूमत को चाहेगा, उसे नेस्तनाबूद कर देगी।"
लाखों लोगों को मारने वाला शांतिप्रिय!
वो देश जिसने हिरोशिमा और नागासाकी में लाखों लोगों को बम के जरिए से बरर्बाद कर दिया हो, वो हजारों बम रखे। वहीं दूसरा देश जो शांति प्रिय है, एटमिक बम के लिए काम करे, तो उसे न करने दिया जाए। जिसने तुर्की, लेबनान, ईराक, अफगानिस्तान के अंदर न जाने कितने लाखों लोगों को मारा है। वो दुनिया का सबसे बड़ा शांतिप्रिय देश है, वो दुनिया में शांति कायम करेगा। वो किस तरह की शांति कायम करेगा, ये देखा जा सकता है।
तीन दशक का विवादित शासन का अंत
तीन दशक से अधिक समय से ईरान की सत्ता और राजनीति पर मजबूत पकड़ बनाए रखने वाले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब इतिहास बन चुके हैं। अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों में उनकी मौत की खबर ने न केवल पश्चिम एशिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि उस नेता के विवादित शासन पर भी नयी बहस छेड़ दी है जिसने 36 वर्षों तक ईरान पर कठोर नियंत्रण बनाए रखा।
पीटीआई और एएनआई के इनपुट शामिल हैं।




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