दिल्ली: स्कूलों में कल से नया सत्र, फीस पर असमंजस, स्टूडेंट को मिले हैं नोटिस
दिल्ली के स्कूलों में नया सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है, जिसमें खेल-खेल में पढ़ाई और सुरक्षित माहौल पर जोर दिया गया है। दूसरी ओर कई निजी स्कूलों में भारी फीस वृद्धि और बकाया भुगतान को लेकर विवाद जारी है।

दिल्ली के स्कूलों में बुधवार से नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हो रही है। छात्रों के स्वागत के लिए स्कूलों में विशेष तैयारियां की गई हैं। हालांकि, कुछ निजी स्कूलों में आगामी सोमवार से नया सत्र शुरू होगा। स्कूल प्रबंधनों ने पहले दिन जोर खेल-खेल में पढ़ाई करने पर रखा है। शिक्षा निदेशालय ने सत्र की शुरुआत को सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए ओरिएंटेशन, कक्षा की तैयारी और छात्रों की भागीदारी पर उचित ध्यान देने के लिए कहा है। शिक्षक परिचयात्मक सत्रों का आयोजन करेंगे। स्कूल में छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। वहीं, छात्रों को पाठ्यपुस्तकों और लेखन सामग्री का समय पर वितरण करनी होगी।
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी परिपत्र में स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा है कि स्कूल का वातावरण सुरक्षित, स्वागत-योग्य और सुव्यवस्थित हो। विद्यार्थियों को नए माहौल में ढलने और अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सके।
असमंजस में अभिभावक
उधर, निजी स्कूलों के अभिभावक फीस वृद्धि को लेकर असमंजस में हैं। कुछ स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस का भुगतान न करने तक बच्चों को नए सत्र से आने से मना किया है, तो किसी ने परीक्षा परिणाम रोक दिया है। वहीं, मॉडल टाउन के एक निजी स्कूल ने तो छात्रों का परिणाम तो जारी किया है, लेकिन सेक्शन ही नहीं बताया है। ऐसे में अभिभावक परेशान हैं कि वह अपने बच्चे को स्कूल भेजे या नहीं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शिक्षा निदेशालय ने किसी भी छात्र का स्कूल से नाम न काटने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन स्कूल किसी भी आदेश को मान नहीं रहा है।
सेक्शन ही नहीं बतायाः अभिभावक
मॉडल टाउन स्थित एक निजी स्कूल के अभिभावक रोहित जुनेजा ने बताया कि उनकी बेटी कक्षा नौंवी में गई हैं। लेकिन, स्कूल ने अभी तक उनका सेक्शन नहीं बताया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह बच्ची को स्कूल लेकर जरूर जाएंगे। इसी तरह द्वारका के एक नामी स्कूल ने नाम काटने के आदेश को सात अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
बकाया फीस मांग रहे स्कूल
अभिभावक मुकुंद ने बताया कि उन्हें स्कूल द्वारा ई-मेल के माध्यम से सूचित किया गया है कि जब तक पूरी बकाया स्कूल फीस नहीं देते हैं तो तब तक बच्चे को स्कूल न भेंजे। उन्होंने बताया कि स्कूल ने कहा है कि अगर वह सात अप्रैल तक बढ़ी फीस का भुगतान नहीं करते हैं तो बच्चे का स्कूल से नाम काट दिया जाएगा।
अभिभावक संघ के पास आ रहीं फोन कॉल्स
स्कूल अभिभावक संघ के पास लगातार फीस वृद्धि के मामले को लेकर पूछताछ के लिए कॉल आ रही हैं। अभिभावक असमंजस में है कि इस सत्र के भी मध्य सत्र में फीस बढ़ सकती है। दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने बताया कि उनके पास नामी स्कूलों के अभिभावकों की कॉल आईं हैं। उन्होंने बताया कि अभिभावक पूछ रहे हैं कि उन्हें पिछले सत्र की फीस की तरह भुगतान करना है या नए सत्र में फीस बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि फीस को लेकर एक दायरा होना चाहिए। स्कूल के साथ शिक्षा निदेशालय को भी स्पष्ट करना चाहिए। उधर, शिक्षा अधिकार के लिए आवाज उठाने वाले वकील अशोक अग्रवाल ने कहा कि फीस वृद्धि को न रोक पाना सरकार की कमी है। मनमानी फीस वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है।




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