दिल्ली धमाका: कड़ियों को खंगालने के लिए NIA को मिली मोहलत, जेल में रहेंगे आरोपी
दिल्ली की अदालत ने लाल किला विस्फोट मामले में एनआईए को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। अदालत ने मामले में सात आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 13 मार्च तक बढ़ा दी है।

दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला विस्फोट मामले में एनआईए को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया है। एनआईए ने आरोपियों के डिजिटल और वित्तीय संबंधों की गहराई से जांच करने के लिए और समय मांगा था जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही सात मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 13 मार्च तक बढ़ा दी गई है।
45 दिन की मिली मोहलत
पटियाला हाउस कोर्ट के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने शुक्रवार को एनआईए को लाल किले के पास हुए धमाके की जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का और समय दिया। अदालत ने आरोपियों के पैसों के लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के आधार पर एनआईए की 90 दिन अतिरिक्त समय मांगने वाली याचिका को मंजूरी दे दी।
आरोपियों की हिरासत भी बढ़ी
अदालत ने आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, डॉ. मुजमिल शकील गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और शोएब सहित 7 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 13 मार्च तक बढ़ा दी है। शोएब को अदालत में फिजिकली पेश किया गया जबकि बाकी आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई में शामिल हुए।
डॉ. उमर ने किया था धमाका
बता दें कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार धमाका हुआ था जिसमें 15 लोग मारे गए थे। आतंकी हमले साजिश का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था। वह एक दूसरे आत्मघाती हमलावर को भर्ती करने की कोशिश कर रहा था लेकिन सफल नहीं हो सका क्योंकि उस व्यक्ति ने सेब की पैदावार के मौसम में परिवार की मदद करने की बात कहकर पीछे हटने का फैसला कर लिया था।
टेरर नेटवर्क का सबसे कट्टर सदस्य था डॉ. उमर
अधिकारियों ने बताया कि जांच से संकेत मिला है कि नबी केवल आतंकी ही नहीं था वरन रणनीतिक रूप से भर्ती भी करता था। डॉ. उमर उन नबी का मानना था कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आत्मघाती हमलावर का होना बेहद जरूरी है। पुलवामा का डॉक्टर नबी कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले इस टेरर नेटवर्क का सबसे कट्टर सदस्य था। अधिकारियों का मानना है कि वह 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर हमले की साजिश रच रहा था।
घबरा कर किया धमाका
चूंकि पहले ही इस टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो गया और और विस्फोटक जब्त कर लिए गए जिससे डॉ. उमर उन नबी घबरा गया और उसने जल्दबाजी में लाल किला के बाहर धमाका कर दिया। अधिकारियों की मानें तो डॉक्टर उमर विस्फोटकों से लदी कार को किसी भीड़ वाली जगह पर, या तो दिल्ली में या किसी धार्मिक महत्व की जगह पर प्लांट करने और भी गायब होने की फिराक में था।




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