Delhi Red Fort Blast Accused used ai and youtube to make bomb NIA Reveal लाल किला धमाका: बम बनाने के लिए किया ChatGPT और YouTube का इस्तेमाल; NIA का बड़ा खुलासा, Ncr Hindi News - Hindustan
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लाल किला धमाका: बम बनाने के लिए किया ChatGPT और YouTube का इस्तेमाल; NIA का बड़ा खुलासा

सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने 'रॉकेट इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (आरआईईडी) भी बनाए थे और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड जंगल में इन्हें टेस्ट किया था।

Sun, 24 May 2026 04:50 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, भाषा
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लाल किला धमाका: बम बनाने के लिए किया ChatGPT और YouTube का इस्तेमाल; NIA का बड़ा खुलासा

दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके की एनआईए जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने बम बनाने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया था। जांच में पता चला है कि अल-कायदा नाम के ग्लोबल आतंकवादी संगठन की एक ब्रांच से जुड़े एक आरोपी ने एआई का इस्तेमाल 'आतंकवादी साजिश' रचने के लिए किया था। सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने 'रॉकेट इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (आरआईईडी) भी बनाए थे और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड जंगल में इन्हें टेस्ट किया था।

एनआईए ने इस मामले में 14 मई को 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। ये खुलासे इसी चार्जशीट से हुए हैं। अधिकारियों ने चार्जशीट में बताया कि आरोपियों ने आईडी बनाने और इसके इस्तेमाल के लिए लैब जैसी बारीकी और साफ सफाई का इस्तेमाल किया। चार्जशीट में नामजद आरोपियों में से एक अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीयूएच) आतंकी मॉड्यूल का 'इंजीनियर' निकला।

इस आतंकी मॉड्यल का संबंध 'भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) से है। गृह मंत्रालय द्वारा एक्यूआईएस और उसके सभी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया जा चुका है।

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यूनिवर्सिटी के तीन डॉक्टर भी धमाके में शामिल

चार्जशीट में बताया गया कि आरोपी जासिर बिलाल वानी 2024-25 के दौरान दो से तीन बार हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में रुका था, ताकि साजिश के लिए 'तकनीकी सहायता' प्रदान कर सके। जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी में काम करने वाले तीन डॉक्टर धमाके में कथित तौर पर शामिल थे, जिसके बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी की भूमिका पर सवाल उठाए। डॉ. आदिल अहमद राथर ने जासिर को डॉ. उमर उन नबी से मिलवाया था। उमर उन नबी इस मामले में एक अन्य प्रमुख आरोपी और धमाके से भरी कार का ड्राइवर था।

चार्जशीट के अनुसार, विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। एनआईए की जांच में सामने आया कि आदिल ने जासिर को आईईडी बनाने की सामग्री की स्पलाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जबकि डॉ. उमर ने रॉकेट आईईडी पर रिसर्च किया और उसे बनाने का तरीका बताया था।

चार्जशीट के मुताबिक, जासिर ने यूट्यूब और चैटजीपीटी पर 'रॉकेट बनाने का तरीका और मिश्रण का अनुपात क्या होना चाहिए' जैसी जानकारी खोजी थी, जिससे आतंकी गतिविधियों के लिए डिजिटल और एआई के इस्तेमाल का पता चला। चार्जशीट में बताया गया कि जासिर ने डॉ. उमर, डॉ. मुजम्मिल शकील और अन्य सह-आरोपियों के साथ कथित तौर पर मिलकर काजीगुंड के जंगल में रॉकेट आईईडी तैयार किए और उनका परीक्षण किया। जासिर द्वारा किए गए खुलासों के आधार पर एनआईए टीमों ने जंगल के भीतर से इन उपकरणों के अवशेष बरामद किए। चार्जशीट के अनुसार, एनआईए जांच में पता चला कि डॉ. उमर ने जासिर की क्षमता को देखते हुए उसे दो ड्रोन भी दिए और उनकी उड़ान सीमा और भार वहन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।

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ऑनलाइ ऑर्डर किए कई पार्ट्स

फॉरेंसिक जांच में सबसे चौंकाने वाली बात जो सामने आई वह डॉ. उमर द्वारा इस्तेमाल किए गए गाड़ी में रखे गए आईईडी के ट्रिगर सिस्टम से संबंधित थी। एनआईए के चार्जशीट के अनुसार, दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 के बीच जासिर ने 'फ्लिपकार्ट' से ट्रिगर तंत्र में इस्तेमाल होने वाली कई टीजों का ऑर्डर दिया था। इनमें सेंसर-इंडक्टिव प्रॉक्सिमिटी स्विच, हीट गन, पीजो प्लेट, रिमोट कंट्रोल रिले-स्विच आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) ट्रांसमीटर और रिसीवर किट, रिचार्जेबल पॉकेट लाइटर, सोल्डरिंग किट और एलईडी इलेक्ट्रॉनिक किट शामिल थे। इस खरीद का खर्च डॉ. उमर ने उठाया था और जासिर को कैश ऑन डिलीवरी के जरिए ये सामान प्राप्त हुए थे।

बाद में जासिर ने इन पार्ट्स को असेंबल कर आईईडी बनाने के लिए डॉ. उमर को सौंप दिया था।चार्जशीट के मुताबिक, डॉ. उमर ने ट्रिगर का इस्तेमाल कर आईईडी में विस्फोट कर दिया। एनआईए ने पाया कि आरोपियों ने अलग-अलग तरह के आईईडी का निर्माण और टेस्ट भी किया था। विस्फोट में प्रयुक्त विस्फोटक 'ट्राइएसीटोन ट्राइपेरोक्साइड' (टीएटीपी) था। इससे पहले, श्रीनगर पुलिस ने मेडिकल पेशेवरों से जुड़े विस्फोट से संबंधित 'डॉक्टर' या 'व्हाइट-कॉलर' मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।

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