ऑनलाइन चाकू खरीदने वालों के घर जाएगी दिल्ली पुलिस; मीशो-फ्लिपकार्ट, ब्लिंकिट से मांगी ग्राहकों की लिस्ट
दिल्ली पुलिस ने चाकूबाजी के मामलों को रोकने के लिए एक बड़ी घेराबंदी है। अब ऑनलाइन शॉपिंग से घर पर चाकू मंगवाना पुलिस की रडार पर आ गया है। दिल्ली पुलिस ने मीशो, फ्लिपकार्ट और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों से उनके प्लैटफॉर्म के जरिए चाकू खरीदने वाले दिल्ली के ग्राहकों की पूरी जानकारी मांगी है।

राजधानी दिल्ली में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं और अपराधों में ऑनलाइन खरीदे गए हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने अब सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली पुलिस अब उन सभी लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लैटफॉर्म से खतरनाक चाकू मंगवाए हैं। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने मीशो, फ्लिपकार्ट और ब्लिंकिट जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को पत्र लिखकर उनके क्षेत्र में चाकू खरीदने वाले सभी ग्राहकों के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में हाल के दिनों में हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसी गंभीर वारदातों में ऐसे चाकुओं का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पाया गया है।
घर-घर जांच होगी
इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने योजना बनाई है कि जानकारी मिलने के बाद उनकी टीमें ऑनलाइन चाकू खरीदने वाले सभी व्यक्तियों के घर जाएंगी। पुलिस न केवल उस व्यक्ति से पूछताछ करेगी, बल्कि उसके परिवार और पड़ोसियों को भी इस बारे में सूचित करेगी। इसका उद्देश्य यह है कि परिवार को जानकारी रहे और वह व्यक्ति किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहे। यदि खरीदा गया चाकू आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के दायरे में आता है, तो खरीदने वाले के साथ-साथ बेचने वाली कंपनी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। ऐसा करने के पीछे पुलिस का उद्देश्य युवाओं को अपराध की राह पर जाने से बचाना है। हाल ही में एक ऑनलाइन कंपनी पर भी मामला दर्ल किया गया है।
रसोई का सामान बताकर बिक रहे खंजर
ई-कॉमर्स कंपनियां अपने ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर अक्सर इन चाकुओं को ‘किचन नाइफ’ बताकर बेचती हैं, लेकिन इनका स्वरूप सामान्य चाकुओं से बिल्कुल अलग होता है। ये चाकू आकार में छोटे होते हैं, लेकिन बेहद खतरनाक डिजाइन के होते हैं। इनके पिछले हिस्से पर कांटेदार उभार होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये चाकू शरीर में घुसने के बाद बाहर निकालते समय अंदरूनी अंगों को गंभीर क्षति पहुंचाते हैं। पहले ऐसे चाकू हरिद्वार जैसे स्थानों से लाए जाते थे, लेकिन अब ऑनलाइन डिलीवरी के कारण ये घर-घर आसानी से उपलब्ध हो गए हैं। इस खतरे को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने भी ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है और उन्हें प्रतिबंधित सामान हटाने के निर्देश दिए हैं। पश्चिम जिला पुलिस ने तो ब्लिंकिट पर प्रतिबंधित चाकू बेचने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की है। दिल्ली पुलिस की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य तकनीक के दुरुपयोग को रोकना और युवाओं को अपराध की राह पर जाने से बचाना है।




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