1014 जगह रेड, 481 लोग गिरफ्तार; दिल्ली पुलिस की 1000 टीमों का 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2' से सबसे बड़ा प्रहार
दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2' के तहत राजधानी को अपराध मुक्त बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर दिल्ली में 1000 से अधिक जगह छापेमारी और 481 लोगों की गिरफ्तारी से अपराधियों की कमर तोड़ दी है।

दिल्ली पुलिस ने राजधानी दिल्ली को अपराध मुक्त बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2' के तहत दिल्ली पुलिस ने 1000 से अधिक टीमों के साथ महज 48 घंटों के भीतर दिल्ली-एनसीआर के साथ ही कई राज्यों में छापेमारी कर अपराधियों की कमर तोड़ दी है। इस दौरान कई कुख्यात गैंग के वॉन्टेड गुर्गों सहित 481 अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
5 से 7 नई तक चला ऑपरेशन
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और सभी जिलों की पुलिस ने मिलकर राजधानी में अपराधियों के खिलाफ एक बड़े अभियान 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2' को अंजाम दिया। स्पेशल सेल के एडिशनल पुलिस कमिश्नर पी.एस. कुशवाहा ने बताया कि यह ऑपरेशन 5 मई की सुबह शुरू हुआ और 7 मई की सुबह तक यानी लगातार 48 घंटों तक चला।
हजार से अधिक टीमें और सैकड़ों गिरफ्तारियां
इस ऑपरेशन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दिल्ली पुलिस की 1,000 से अधिक टीमें शामिल थीं। पुलिस ने पूरी दिल्ली में 1,014 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस सघन तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप 481 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। ऑपरेशन के दौरान 130 पिस्तौल और 79 चाकू, 24 वाहन, 19 लाख रुपये कैश, अवैध शराब और नारकोटिक्स जब्त किए गए। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल राजधानी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
कुशवाहा ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान 30 से अधिक गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से कई कुख्यात आपराधिक गिरोहों, जैसे हाशिम बाबा गैंग और टिल्लू ताजपुरिया गैंग, कौशल चौधरी गैंग के साथ-साथ कई अन्य स्थानीय और अंतर-राज्यीय गिरोहों से जुड़े थे। ये गैंग्स कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जिनमें रंगदारी, सुपारी लेकर हत्याएं करना, अवैध हथियारों का धंधा और ड्रग तस्करी शामिल हैं। उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से उनकी काम करने की क्षमता काफी कमजोर हो जाएगी।
सीख और सटीक रणनीति
एडिशनल सीपी कुशवाहा के अनुसार, इसी साल जनवरी में 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 1' चलाया गया था। उस अभियान से मिली सीख और खुफिया जानकारियों के आधार पर इस बार रणनीति को और अधिक 'शार्प' और 'सटीक' बनाया गया था। इस बार उन विशिष्ट ठिकानों और लोगों को निशाना बनाया गया, जो दिल्ली की कानून व्यवस्था के लिए सीधा खतरा बने हुए थे। इस ऑपरेशन ने न केवल अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया है, बल्कि दिल्ली की जनता के बीच पुलिस के इकबाल को और मजबूत किया है।
दिल्ली पुलिस के इस ऑपरेशन का मकसद उन संगठित आपराधिक गिरोहों को खत्म करना था, जो पहले की कार्रवाई के बाद भी सक्रिय थे या फिर से उभर आए थे खासकर वे लोग जो जनवरी में हुई कार्रवाई से बच निकलने में कामयाब रहे थे।




साइन इन