दिल्ली में बन रहे थे इन बड़े-बड़े ब्रांड्स के नकली कपड़े, पुलिस ने छापा मारकर अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी की पहचान राजीव नागपाल (50) के रूप में हुई है, जो कि रोहिणी के सेक्टर-3 इलाके का रहने वाला है और वह ही इस यूनिट को चला रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने शहर के पश्चिमी हिस्से में अवैध रूप से ब्रांडेड गारमेंट बनाने वाली एक फैक्ट्री और स्टोरेज यूनिट का भंडाफोड़ किया है। यहां पर बड़े पैमाने पर बड़ी-बड़ी कंपनियों के नकली कपड़े बनाए जा रहे थे। बुधवार को हुई इस छापेमारी की जानकारी पुलिस ने गुरुवार को दी। इस दौरान पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई को अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड्स जैसे केल्विन क्लेन, जारा, टॉमी हिलफिगर, लेवी स्ट्रॉस और USPA व अन्य कंपनियों से जुड़े अधिकृत प्रतिनिधियों से मिली शिकायत के बाद अंजाम दिया। जिसमें उन्होंने पश्चिमी दिल्ली में बड़े पैमाने पर नकली कपड़ों का प्रोडक्शन और बिक्री होने का आरोप लगाया था।
जांच के बाद बोला अवैध फैक्ट्री पर धावा
कार्रवाई से जुड़ी जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत की जांच करने और ट्रेडमार्क व कॉपीराइट दस्तावेजों को वेरिफाई करने के बाद पुलिस ने 7 जनवरी को ऐक्शन लिया। इस दौरान हमने टोडापुर इलाके में स्थित एक परिसर पर छापा मारा और इस दौरान हमें वहां मौजूद अवैध यूनिट मिली।
छापे के दौरान मिले 1919 नकली ब्रांडेड कपड़े
मौके पर ली गई तलाशी के दौरान पुलिस ने प्रमुख ब्रांडों के कुल 1,919 नकली कपड़े बरामद किए। इस दौरान ज़ारा कंपनी के 1,050 नकली शर्ट, 650 नकली USPA शर्ट और 213 नकली लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी के शर्ट शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने तीनों ब्रांडों के दो-दो सैंपल शर्ट भी बरामद किए।
राजीव नागपाल चला रहा था गारमेंट फैक्ट्री
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी की पहचान राजीव नागपाल (50) के रूप में हुई है, जो कि रोहिणी के सेक्टर-3 इलाके का रहने वाला है और वह ही इस यूनिट को चला रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि इस मामले को लेकर इंद्रपुरी पुलिस स्टेशन में ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 और कॉपीराइट एक्ट, 1957 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है।




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