सभी सरकारी स्कूलों का होगा सर्वे, MCD, NDMC और दिल्ली सरकार को किसने दिया आदेश?
अदालत ने स्पष्ट किया है कि एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की जानी चाहिए, जो यह बताए कि स्कूल 'मुफ्त और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009' की आवश्यकताओं को किस हद तक पूरा करते हैं। इसमें एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली सरकार के स्कूल शामिल हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) को राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों का समयबद्ध निरीक्षण करने का व्यापक आदेश दिया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि स्कूल बुनियादी ढांचे के वैधानिक मानदंडों का पालन कर रहे हैं या नहीं। एक खंडपीठ ने आदेश दिया है कि यह सर्वेक्षण चार सप्ताह के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। यह पूरा कार्य शिक्षा सचिव, एमसीडी कमिश्नर और एनडीएमसी अध्यक्ष की सीधी देखरेख में संपन्न होगा।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने स्पष्ट किया है कि एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की जानी चाहिए, जो यह बताए कि स्कूल 'मुफ्त और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009' की आवश्यकताओं को किस हद तक पूरा करते हैं। यह आदेश 7 जनवरी, 2026 को 'जस्टिस फॉर ऑल' नामक गैर-लाभकारी संगठन द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दिया गया। इस याचिका में शुरुआत में एमसीडी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी का मुद्दा उठाया गया था। इस मामले में अधिवक्ता खगेश बी. झा और शिखा शर्मा बग्गा अदालत में पेश हुए।
दलीलों पर विचार करने के बाद, कोर्ट की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका (PIL) का दायरा बढ़ाते हुए इसमें दिल्ली के सभी सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को शामिल कर लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक शिक्षा देने वाले सभी स्कूलों के लिए शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम की धारा 11 और 19 का पालन करना अनिवार्य है।
स्टेटस रिपोर्ट देना होगा
अदालत ने अधिकारियों को इन प्रावधानों के पालन से जुड़ा डेटा इकट्ठा करने और एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। RTE अधिनियम की अनुसूची के अनुसार स्कूलों के लिए निम्नलिखित न्यूनतम मानक निर्धारित हैं। निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार पर्याप्त शिक्षकों की संख्या होनी चाहिए। अधिक नामांकन वाले स्कूलों में विषय शिक्षकों और हेडमास्टर की उपलब्धता अनिवार्य है।
स्कूलों में हर मौसम के अनुकूल पक्की इमारत और पर्याप्त कक्षाएं होनी चाहिए। छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, सुरक्षित पीने का पानी और मिड-डे मील के लिए रसोई घर (किचन) होना आवश्यक है। स्कूल परिसर में खेल के मैदान की उपलब्धता भी अनिवार्य मानकों में शामिल है। सर्वेक्षण रिपोर्ट जमा होने के बाद अदालत इस मामले पर आगे की सुनवाई करेगी।




साइन इन