दिल्ली पुलिस का बड़ा ऐक्शन, यूपी से दबोचा ISIS संदिग्ध; आतंकी हमले की थी साजिश
दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से आईएसआईएस संदिग्ध को पकड़ा है। संदिग्ध की पहचान रिजवान अली के तौर पर हुई है।

दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से आईएसआईएस संदिग्ध को पकड़ा है। संदिग्ध की पहचान रिजवान अली के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि यह सोशल मीडिया के जरिए आईएसआईएस के आंकाओं के संपर्क में आया था और चैट प्लेटफॉर्म से बाते करता था। स्पेशल सेल इसे दिल्ली लेकर आ रही है। पुलिस का कहना है कि इसके जरिये आतंकी हमले की साजिश रची जा रही थी।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के अपराध निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर देश में दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे।
यह गिरोह महत्वपूर्ण संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स को निशाना बनाकर आगजनी की घटनाएं अंजाम दे रहा था। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान साकिब उर्फ डेविल (मेरठ), विकाश गहलावत उर्फ रौनक (गौतमबुद्ध नगर), लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू (गौतमबुद्ध नगर), अरबाब (मेरठ) के रूप में हुई है। इनके पास से एटीएस ने ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पम्पलेट बरामद किये हैं।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क
एटीएस को मिली खुफिया जानकारी के अनुसार एक भारतीय गिरोह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में रहकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सदस्य साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष), निवासी अगवानपुर, मेरठ है, जो पेशे से नाई है और टेलीग्राम, इंस्टाग्राम के माध्यम से विदेशी आकाओं से जुड़ा हुआ है।
जरूरी जगहों और राजनीतिक लोगों की करते थे रेकी
एटीएस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य महत्वपूर्ण संस्थानों और राजनीतिक लोगों की रेकी कर जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजते थे। हैंडलर्स द्वारा उन्हें गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय किए जाते थे।इसके बाद ये लोग रेलवे सिग्नल बॉक्स, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों और अन्य वाहनों में आगजनी की योजना बनाते थे।
छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम देकर उनके वीडियो पाकिस्तान भेजे जाते थे, जिसके बदले में आरोपियों को क्यूआर कोड के जरिए पैसे मिलते थे। एटीएस के अनुसार, दो अप्रैल को आरोपी लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश रच रहे थे। प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एटीएस टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वार्ता से इनपुट




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