दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन साइहॉक 3.0 को सफलता, 2 दिन में 6500 से अधिक जालसाज पकड़े
दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइहॉक 3.0 (CyHawk 3.0) के तहत राजधानी दिल्ली समेत 10 से अधिक राज्यों में एक साथ 48 घंटे तक व्यापक कार्रवाई के दौरान साढ़े 6 हजार से ज्यादा जालसाज पकड़े हैं।

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइहॉक 3.0 (CyHawk 3.0) के तहत राजधानी दिल्ली समेत 10 से अधिक राज्यों में एक साथ 48 घंटे तक व्यापक कार्रवाई के दौरान साढ़े 6 हजार से ज्यादा जालसाज पकड़े हैं।
5 और 6 फरवरी को चले इस इंटेलिजेंस-आधारित स्पेशल ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट ने अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से 6552 साइबर जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान पांच हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की टीमें एक साथ कई स्थानों पर उतारी गईं।
299 नई एफआईआर दर्ज
ऑपरेशन के तहत 2563 साइबर ठगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जबकि 299 नई एफआईआर दर्ज की गईं। इसके साथ ही 262 पुराने मामलों को भी जांच में जोड़ा गया। इस ऑपरेशन की एक अहम उपलब्धि यह रही कि नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से आई करीब 3180 शिकायतों को एकीकृत किया गया, जिनमें पीड़ितों को लगभग 627 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का अनुमान है।
दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट के जॉइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता ने बताया कि पिछले चार महीनों में यह तीसरा बड़ा साइबर एनफोर्समेंट ऑपरेशन है, जिसका उद्देश्य साइबर फ्रॉड के पूरे ईकोसिस्टम को तोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस बार असम और अरुणाचल से लेकर राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और केरल तक एक साथ कार्रवाई की गई। ऑपरेशन के दौरान म्यूल अकाउंट ऑपरेटरों, डिजिटल फैसिलिटेटरों, सिम-लिंक्ड इनेबलरों और अवैध वित्तीय माध्यमों को निशाना बनाया गया।
जांच में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, जॉब फ्रॉड, म्यूल अकाउंट और अन्य ऑनलाइन फाइनेंशियल धोखाधड़ी से जुड़े बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ। ऑपरेशन साइहॉक 3.0 के तहत कई सनसनीखेज मामलों का भी खुलासा हुआ। एक मामले में पुलिस ने 22 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, 1.8 किलोग्राम से अधिक सोना-चांदी के गहने, स्मार्टफोन और लैपटॉप बरामद किए। यह गिरोह फर्जी आरटीओ एप्लीकेशन लिंक के जरिए लोगों को ठग रहा था। एक अन्य मामले में, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो एनसीआरपी पर दर्ज 84 शिकायतों से जुड़ा था।
यहां शिकायत दर्ज करें
● पुलिस स्टेशन में इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क पर साइबर शिकायत दर्ज करा सकते हैं
● साइबर अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर दें
● ठगी की कोशिश की रिपोर्ट संचार साथी ऐप या NCRP पर पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) पर दर्ज कराएं
प्रमुख कार्रवाई
● एनसीआरपी पर दर्ज साइबर शिकायतों, संदिग्ध लेनदेन और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण
● साइबर ठगी में इस्तेमाल हाई-रिस्क खातों, नंबरों और फैसिलिटेटर नेटवर्क की पहचान
● जिला और विशेष साइबर टीमों की एक साथ कई राज्यों में तैनाती कर कार्रवाई
ऐसे करें बचाव
● डिजिटल गिरफ्तारी जैसे कॉल से सावधान रहें; कॉल काटें, जानकारी न दें और 1930 या साइबर पोर्टल पर रिपोर्ट करें
● इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से बचें; बिना मांगे हाई-रिटर्न ऑफर पर भरोसा न करें, केवल रेगुलेटेड प्लैटफॉर्म पर निवेश करें
● फर्जी जॉब/स्कीम से दूर रहें, बैंक डिटेल, पिन, सीवीवी या दस्तावेज साझा न करें
● अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप न इंस्टॉल करें; टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें
● फोन और ऐप नियमित अपडेट रखें; सुरक्षा अपडेट के लिए @CyberDost और @DelhiPolice को फॉलो करें




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