दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच, खूंखार अपराधी रविंदर 'छोटा' गिरफ्तार; 20 वारदातों में था शामिल
दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन कवच 12.0' के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे से खूंखार अपराधी रविंदर देसवाल को गिरफ्तार किया है, जो टोल प्लाजा पर पहचान छिपाकर रह रहा था और उस पर हत्या व डकैती के 20 मामले दर्ज हैं।

दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो साल से फरार एक खूंखार अपराधी को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया है। आरोपी रविंदर देसवाल उर्फ छोटा, भांजा और बोरी को 24 जनवरी को द्वारका एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा के पास गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
टोल प्लाजा पर छिपकर करता था काम
रविंदर हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है। वह पिछले दो साल से पुलिस की पकड़ से दूर था। इस दौरान वह बार-बार जगह बदलता रहा, टोल प्लाजा पर काम करता रहा और मोबाइल फोन भी अपने जानकारों के नाम पर इस्तेमाल करता था ताकि उसकी लोकेशन का पता न चले।
ऑपरेशन कवच 12.0 के तहत हुई गिरफ्तारी
यह कार्रवाई 'ऑपरेशन कवच 12.0' के अंतर्गत हुई, जिसका मकसद फरार गैंगस्टरों और उनके साथियों को पकड़ना है। पुलिस ने करीब चार हफ्ते तक गहन जांच की। गुरुग्राम, सोनीपत और रोहतक में लगभग 25 ठिकानों की जांच की गई। तकनीकी निगरानी के जरिए 24 जनवरी को उसकी गतिविधियां पकड़ में आईं। टीम ने उसे घेरा तो वह भागने लगा, लेकिन थोड़ी ही दूरी के बाद उसे पकड़ लिया गया।
20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, रविंदर पर दिल्ली और हरियाणा में कुल करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट से जुड़े गंभीर आरोप शामिल हैं। ये मामले दिल्ली के अलावा हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, रोहतक और कुरुक्षेत्र जिलों में दर्ज हैं।
साल 2018 में हरियाणा पुलिस ने उसे 32 लाख रुपये की डकैती के एक मामले में अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। दो साल पहले जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था। कम से कम तीन मामलों में उसे घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है और कई नॉन-जमानती वारंट भी जारी हैं।
क्राइम की दुनिया में कैसे कदम रखा
पूछताछ में रविंदर ने बताया कि उसने सिर्फ 10वीं तक पढ़ाई की। एक स्थानीय अपराधी से जुड़ने के बाद वह क्राइम की राह पर चला गया। बाद में वह कुख्यात किशन गहता गैंग से जुड़ गया, जो हिंसक लूट और अन्य वारदातों के लिए जाना जाता है।




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