दिल्ली में 7,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खराब; क्या वजह, आगे कौन से कदम?
दिल्ली में 7,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। एक अधिकारी ने बताया कि नेटवर्क की समस्या के कारण कमांड सेंटर को लाइव फीड नहीं मिल पा रही है। भविष्य के टेंडर में इन समस्याओं को दूर किया जाएगा।

दिल्ली में 7,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के सेफ्टी ऑडिट में यह खुलासा हुआ है। बता दें कि दिल्ली को सुरक्षित बनाने के लिए अब तक 2.8 लाख कैमरे लगाए जा चुके हैं। सरकार जल्द ही 50,000 नए कैमरे लगाने की तैयारी कर रही है। भविष्य में बेहतर मेंटेनेंस के लिए नए टेंडर जारी करने की योजना है। प्रशासन का कहना है कि खराब कैमरों को जल्द ठीक करने का प्रयास जारी है।
क्या वजह?
पिछले साल पीडब्ल्यूडी ने सुरक्षा ऑडिट में पाया कि दिल्ली में 7,500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे बंद थे। शहर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2020 में शुरू हुई योजना के तहत अब तक करीब 2.8 लाख कैमरे लगाए गए हैं। दिल्ली विधानसभा में पेश की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कुल 7,535 कैमरे ऑफलाइन मिले हैं। इन कैमरों के बंद होने की मुख्य वजह बिजली कटौती, तकनीकी खराबी, चोरी, तोड़फोड़ और कैमरों का स्थान बदलना बताया गया है।
क्या है प्लान?
पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि तकनीकी खराबी में अधिकतर समस्या नेटवर्क प्रदाता कंपनियों की ओर से है जिसके कारण मुख्य कमांड सेंटर को लाइव फीड नहीं मिल पाती है। इसके अलावा उपकरणों की चोरी और बिजली कटौती जैसे कारण भी कैमरों के बंद होने की वजहों में शामिल हैं। टेंडरों के जरिए इन सभी समस्याओं को दूर करने के प्रयास जारी हैं। दिल्ली सरकार पूरे शहर में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी कर रही है।
कैमरों पर ज्यादा फोकस
यही नहीं सीसीटीवी कैमरों पर कहीं पहले से कहीं अधिक फोकस किया जा रहा है। एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि भविष्य में सीसीटीवी कैमरों के बेहतर मेंटिनेंस के लिए विभाग एक कंसोलिडेटेड टेंडर जारी करने की योजना बना रहा है। वर्तमान में मेंटेनेंस का काम एक अलग कंपनी संभाल रही है। डिपार्टमेंट ने कैमरों के मेंटेनेंस का काम रक्षा मंत्रालय के तहत एक पब्लिक सेक्टर यूनिट, भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (BEL) को सौंप दिया है।




साइन इन