दिल्ली: नजफगढ़ में बड़ा हादसा, CNG भरवाते समय ट्रक का सिलेंडर फटा; 3 पंपकर्मी समेत 4 झुलसे
Delhi News : दिल्ली के बाबा हरिदास नगर इलाके में नजफगढ़-मित्राऊं रोड स्थित एक सीएनजी पंप पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां सीएनजी भरवाते समय एक ट्रक का सिलेंडर अचानक फट गया। इस दौरान आसपास मौजूद तीन पंपकर्मी समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
Delhi News : दिल्ली के बाबा हरिदास नगर इलाके में नजफगढ़-मित्राऊं रोड स्थित एक सीएनजी पंप पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां सीएनजी भरवाते समय एक ट्रक का सिलेंडर अचानक फट गया। इस दौरान आसपास मौजूद तीन पंपकर्मी समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में शामिल एक शख्स की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर नजफगढ़-मित्राऊं रोड स्थित एक सीएनजी पंप पर हरियाणा नंबर का एक ट्रक सीएनजी भराने पहुंचा था। पंपकर्मी ने ट्रक में सीएनजी भरना शुरू ही किया था कि अचानक धमाके के साथ ट्रक का एक सिलेंडर फट गया। इससे आग लग गई और चार लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में 34 वर्षीय दीपक, 26 वर्षीय विकास कुमार और 40 वर्षीय नीरज शामिल हैं। यह तीनों पंपकर्मी हैं। चौथा घायल वहां सीएनजी भराने के लिए आया था, उसकी पहचान नहीं को सकी है।
किट को घटना का कारण मान रहे पुलिस अफसर
धमाके की सूचना के बाद बाबा हरिदास नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेराबंदी कर दी। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और जिला पुलिस की क्राइम टीम भी बुलाया और साक्ष्य जुटाए। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि जिस ट्रक में सीएनजी भरी जा रही थी, उसमें किट मानकों के अनुरूप फिट नहीं थी। इसे ही हादसे का कारण माना जा रहा है।
तीन वर्ष में हाईड्रो जांच जरूरी : विशेषज्ञ
आपके पास यदि सीएनजी वाहन है तो सिलेंडर का खास ख्याल रखना शुरू कर दीजिए। दिल्ली परिवहन विभाग के पूर्व डिप्टी कमिश्नर अनिल छिकारा का कहना है कि प्रत्येक तीन साल में सीएनजी सिलेंडर का हाइड्रो जांच जरूर कराएं। उन्होंने बताया कि जब सिलेंडर में सीएनजी भरी जाती है तो उसका प्रेशर 250 बार होता है। वहीं, जांच के दौरान इसमें 700 बार प्रेशर डाला जाता है, ताकि मजबूती परखी जा सके।
वाहन मालिक इन बातों का रखें खास ध्यान
● सीएनजी सिलेंडरों को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के मानकों के अनुरूप होना चाहिए
● इनका पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा अनुमोदित होना अनिवार्य है
● सिलेंडर और उसके वाल्व पर आईएसआई मार्क और सीएमएल (लाइसेंस) नंबर अंकित होना चाहिए, यह गुणवत्ता बताता है
● सिलेंडर में लगा वाल्व भी स्वीकृत कंपनियों द्वारा निर्मित होना चाहिए और इसमें सुरक्षा के लिए वॉशर का उपयोग किया जाता है
● प्रत्येक तीन साल के अंतराल पर सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट कराएं
● गैस फिलिंग कराते समय इस बात का ध्यान रखें कि सिलेंडर को किसी भी चीज से कवर न किया गया हो, पुराना सिलेंडर न लगाएं




साइन इन