दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का डीएनडी-जैतपुर सेक्शन कब तक होगा पूरा, NHAI ने दिया अपडेट
Delhi-Mumbai Expressway : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के डीएनडी फ्लाईवे से जैतपुर खंड पर मदनपुर खादर के पास छूटे हुए हिस्से में आगरा कैनाल पर स्टील ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। एनएचएआई का दावा है कि ब्रिज के निर्माण की गति तय लक्ष्य के अनुरूप है।

Delhi-Mumbai Expressway : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के डीएनडी फ्लाईवे से जैतपुर खंड पर मदनपुर खादर के पास छूटे हुए हिस्से में आगरा कैनाल पर स्टील ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का दावा है कि ब्रिज के निर्माण की गति तय लक्ष्य के अनुरूप है। ऐसे में हर हाल में जून तक नौ किलोमीटर का डीएनडी फ्लाईवे से जैतपुर खंड पूरा हो जाएगा। इसके बाद इस पर वाहनों को चलाया जा सकेगा।
ढाई घंटे में पहुंच सकेंगे जयपुर
इस खंड को बनाने की लागत करीब 1836 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेसवे का जैतपुर से आगे का हिस्सा चालू है। उसे वाहनों के लिए कुछ वक्त पहले खोला जा चुका है। उससे अभी केवल दक्षिणी दिल्ली के कुछ हिस्से के लोगों को ही लाभ पहुंच रहा है। डीएनडी फ्लाईवे से एक्सप्रेसवे शुरू होने पर राजधानी के साथ नोएडा, गाजियाबाद के लोगों को भी फायदा होगा। उनकी फरीदाबाद और गुरुग्राम की राह आसान हो जाएगी। लोग ढाई घंटे में जयपुर पहुंच सकेंगे।
ब्रिज बनाने का आधे से अधिक काम पूरा: अधिकारियों ने बताया कि बिना पिलर के 130 मीटर के स्टील आर्च ब्रिज का काम आधे से अधिक पूरा हो चुका है। अब इस खंड की निर्माण प्रगति 98 प्रतिशत हो चुकी है। ऐसे में लाेगों को अब सिर्फ चार महीने का इंतजार करना है। इसके पूरे होते ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे लोगों को आवाजाही में काफी आसानी होगी।
मुंबई तक सफर के लिए अभी करना होगा इंतजार
मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे से 12 घंटे में मुंबई पहुंचने के लिए अभी इंतजार करना होगा। एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि मुंबई तक इस एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 1350 किलोमीटर प्रस्तावित है। अलग-अलग खंडों में निर्माण तेजी से चल रहा है, लेकिन उसे पूरा होने में अगले वर्ष तक का समय लगेगा। इसके शुरू होने से वाहन चालकों का काफी समय बचेगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खासियत और रूट
गौरतलब है कि, 1,350 किलोमीटर से अधिक लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जो देश की राजधानी दिल्ली को आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ती है। यह एक्सप्रेसवे पांच प्रमुख राज्यों—हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है। इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार होने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर मात्र 12-13 घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज बनाता है, बल्कि समय और ईंधन की बचत करने के साथ ही जयपुर, अजमेर और कोटा जैसे शहरों के बीच कनेक्टिविटी सुधारकर आर्थिक विकास को गति देने में भी मदद कर रहा है।
वर्तमान में यह 8-लेन का एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में जरूरत के अनुसार 12-लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर हर 50 किमी पर यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं, चार्जिंग स्टेशन और फूड कोर्ट मौजूद हैं। इसके साथ ही, इसमें 'एनिमल ओवरपास' बनाए गए हैं ताकि वन्यजीवों को कोई परेशानी न हो।




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