दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल और NH-9 का सफर होगा और महंगा; 1 अप्रैल से बढ़ेगा टोल टैक्स
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर एक अप्रैल से सफर और महंगा हो जाएगा। तीनों ही रास्तों पर टोल दरों में पांच फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। 31 मार्च रात 12 बजे से बढ़ी दरें लागू होंगी।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर एक अप्रैल से सफर और महंगा हो जाएगा। तीनों ही रास्तों पर टोल दरों में पांच फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है। इसके साथ ही एनुअल फास्टैग भी अब 75 रुपये महंगा होकर 3,075 रुपये का हो जाएगा। 31 मार्च रात 12 बजे से बढ़ी दरें लागू होंगी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सराय काले खां से से मेरठ तक कार और जीप की टोल दरें अभी 170 रुपये है। हल्के व्यावसायिक वाहन का एक तरफ का मेरठ तक टोल 275 रुपये है। वहीं, बस-ट्रक की टोल दरें 580 रुपये है। वहीं एनएच-9 पर कार, जीप की मौजूदा दरें 175 रुपये, हल्के कॉमर्शियल वाहनों की 280 रुपये, बस-ट्रक के 590 रुपये है।
31 मार्च की रात को सार्वजनिक की जाएंगी नई दरें
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि टोल दरों में पांच फीसदी तक की वृद्धि प्रस्तावित है। नई दरें 31 मार्च की रात को सार्वजनिक की जाएंगी।
एनएचएआई ने एनुलआ फास्टैग पास के रेट भी बढ़ाए
बता दें कि, 15 मार्च को ही एनएचएआई ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास की लागू फीस में बदलाव करने की घोषणा की है। इस नए निर्णय के तहत एनुअल पास के रेट 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दिए गए हैं। एनएचएआई के अनुसार, यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरें तय करने और संग्रह) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है। वर्तमान में 56 लाख से अधिक निजी वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं और उनकी संख्या निरंतर बढ़ रही है। यह संशोधित दर उन सभी पात्र गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी, जो वैध फास्टैग के माध्यम से देश भर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर वार्षिक पास सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं।
एनुअल फास्टैग से एक साल में 200 टोल प्लाजा पार करने की सुविधा
इस वार्षिक पास का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे उपयोगकर्ताओं को अपने फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। एक बार इस निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद यह पास एक साल की अवधि या संबंधित वाहन द्वारा 200 टोल प्लाजा पार करने तक के लिए पूरी तरह मान्य होता है। यह व्यवस्था नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा को अधिक सुगम और सरल बनाती है। एनुअल पास को एक्टिव करने की प्रक्रिया भी काफी सरल रखी गई है। वाहन मालिक 'राजमार्ग यात्रा' ऐप या एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से एकमुश्त शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। भुगतान सफल होने के मात्र दो घंटे के भीतर ही वाहन से जुड़ा मौजूदा फास्टैग वार्षिक पास के रूप में सक्रिय हो जाता है।
टोल टैक्स भुगतान प्रणाली का किया जा रहा सरलीकरण : गडकरी
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बीते साल 18 दिसंबर को लोकसभा में बताया था कि नई नीति में टोल टैक्स उसी स्थान से लगेगा, जहां से कोई वाहन सड़क पर प्रवेश करेगा। गडकरी ने एक सवाल के जवाब में बताया था कि नई नीति में अब किसी वाहन को सड़क पर प्रवेश करने वाले स्थान से ही अगले नाके पर टोल टैक्स देना होगा। यदि कोई वाहन 15 किलोमीटर चलने के बाद ही किसी टोल नाके पर पहुंच जाता है, तो उसे इतनी ही दूरी का टोल टैक्स देना होगा। उन्होंने बताया कि नई नीति के प्रावधानों के अनुसार, 15 रुपये में भी एक टोल नाके को पार किया जा सकेगा। अब ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं जिससे वाहनों को टोल नाकों पर कतार नहीं लगानी पड़े और गाड़ियां 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी टोल नाके पार कर सकेंगी। उनके वाहन की नंबर प्लेट और फास्टटैग को नाके पर रिकॉर्ड करने के बाद टैक्स स्वत: कट जाएगा।
(वार्ता के इनपुट के साथ)




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