कब होंगे दिल्ली MCD मेयर के चुनाव; इस बार क्या बन रहे समीकरण? इन चेहरों की चर्चा
एमसीडी के मेयर चुनाव अप्रैल के आखिरी हफ्ते में होंगे। इसके साथ ही स्थायी समिति के तीन सदस्यों का भी चयन होगा। बताया जाता है कि नए मेयर कंडिडेट के चयन को लेकर भी मंथन शुरू हो चुका है।

दिल्ली नगर निगम के मेयर पद के चुनाव अप्रैल के अंतिम हफ्ते में होंगे। इसे लेकर इस सप्ताह निगम सचिव कार्यालय की तरफ से अधिसूचना जारी की जा सकती है। निगम के अधिनियम के नियमों के अनुसार हर वित्तीय वर्ष के पहले महीने में नए महापौर का चयन होना जरूरी है। प्रत्येक वर्ष इस प्रक्रिया का संचालन निगम के सदन की बैठक में होता है। अगले वर्ष निगम चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए नए महापौर के उम्मीदवार के चयन को लेकर भी मंथन शुरू हो चुका है।
इन चेहरों की चर्चा
भाजपा के दिल्ली प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष के साथ निगम नेताओं की बैठकें भी होगी। निगम सूत्रों के अनुसार भाजपा के निगम पार्षदों में से मौजूदा नेता सदन प्रवेश वाही, उपमहापौर जय भगवान यादव, जैसे नेताओं का नाम सामने आ रहा है। इसके अतिरिक्त आगामी दिनों में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 14 विधायकों को भी मनोनीत किया जाएगा। महापौर चुनाव में 250 पार्षद, 14 विधायक, लोकसभा के दिल्ली के सभी सात सांसद व तीन राज्य सभा सदस्य मतदान करेंगे।
स्थायी समिति के तीन सदस्यों के भी होंगे चुनाव
निगम सूत्रों के अनुसार स्थायी समिति के सदन से चुने जाने वाले तीन सदस्यों के चुनाव भी महापौर चुनाव के साथ ही होंगे। निगम के नियमों के तहत बीते सप्ताह स्थायी समिति के आधे सदस्य यानी नौ सदस्य सेवानिवृत हुए थे। इसमें से तीन सदस्य सदन से और छह सदस्य वार्ड समिति से सेवानिवृत हुए थे।
बहुमत का गणित
महापौर चुनाव गुप्त मतदान द्वारा होता है। इसमें पार्षदों पर दल बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता है। कुल 250 पार्षद, सात सांसद व तीन राज्य सभा सदस्य व 14 मनोनीत विधायक के तहत कुल 274 वोट होते हैं। इसके तहत 138 वोटों का बहुमत होता है। 14 मनोनीत विधायकों को विधानसभा में उनके सदस्यों के अनुसार मनोनीत किया जाता है। इसके तहत भाजपा के 11 विधायक व आम आदमी पार्टी के तीन विधायक मनोनीत होंगे।
क्या बन रहे समीकरण?
भाजपा के 123 पार्षद हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के 100 पार्षद हैं। इसके अतिरिक्त इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के 15 पार्षद, कांग्रेस के नौ पार्षद, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से एक पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद हैं। भाजपा के सभी पार्षदों, सातों सांसद व 11 विधायकों को मिलाकर कुल 141 वोट हैं, जिसके तहत वे बहुमत का आंकड़ा आराम से छू रहे हैं। इसे देखते हुए इस वर्ष फिर से भाजपा के उम्मीदवार का महापौर बना जाना तय माना जा रहा है।




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