दिल्ली में MCD पार्षदों की निधि में बढ़ोतरी, हर वार्ड में बनेंगे हर्बल पार्क; कई फैसले
दिल्ली में एमसीडी पार्षदों की वार्षिक निधि अब 1.55 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है। बजट संशोधन प्रस्तावों में इस निर्णय को मंजूरी मिली। स्थायी समिति अध्यक्ष ने आगामी वर्षों का बजट प्रस्तुत किया जिसे 15 फरवरी तक अंतिम रूप दिया जाएगा।

अब दिल्ली नगर निगम के पार्षदों को वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपये की निधि मिलेगी। इस निधि को एक करोड़ 55 लाख रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव बुधवार को बजट संशोधन प्रस्तावों में पास कर दिया गया। निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित बजट अनुमान और वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान प्रस्तुत किए। इस दौरान पार्षदों की निधि में वृद्धि करने समेत कई अन्य प्रस्ताव को प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्ताव सदन में पारित हुआ। अब बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इसके बाद नेता सदन प्रवेश वाही बजट प्रस्तावों पर अंतिम संशोधन सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद निगम के नए वित्तीय वर्ष 2026-27 को 15 फरवरी तक व इससे पूर्व अंतिम रूप मिलेगा।
1200 करोड़ रुपये की बचत होगी
सत्या शर्मा ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में लगभग 1200 करोड़ रुपये की बचत होगी। इस निधि के तहत नई योजनाएं बनाएंगे। पार्षदों की निधि में बढ़ोतरी से वह अपने क्षेत्रों के अतिरिक्त विकास कार्य कर सकेंगे।
पार्षदों को सिर्फ 25 लाख रुपये निधि मिली : मुकेश गोयल
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के नेता व पार्षद मुकेश गोयल ने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि बजट प्रस्तावों में पार्षदों की निधि को एक करोड़ 55 लाख रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ करने की घोषणा की गई है। लेकिन पार्षदों को निधि देने के लिए रुपये कहां से आएंगे। पिछले वर्ष एक करोड़ 55 लाख रुपये देने की निधि में से पार्षदों को सिर्फ 25 लाख रुपये ही जारी किए गए।
वायु प्रदूषण व सफाई पर ठोस कार्य योजना नहीं : नेता विपक्ष
नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि स्थायी समिति अध्यक्ष ने जो बजट पेश किया है, वह पूरी तरह कागजी है। बजट में वायु प्रदूषण, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों व सफाई कर्मचारियों के लिए न कोई विजन है और ना ही कोई ठोस कार्य योजना है।
पशु चिकित्सा विभाग में दस करोड़ रुपये का प्रावधान किया
सत्या शर्मा ने बताया कि लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर निगम ने एक नया मद बनाया है। इसमें पशु चिकित्सा विभाग के लिए लावारिस कुत्तें की समस्या, बंध्याकरण, गणना जैसे कार्यों के लिए दस करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हर जोन में कम से कम एक डॉग शेल्टर होम का निर्माण करेंगे। जिसमें लावारिस कुत्तों को सुरक्षित आश्रय, इलाज व देखभाल मिल सकें।
रेहड़ी-पटरी के लिए अलग जोन तय कर लाइसेंस देंगे
सत्या शर्मा ने बताया कि दिल्ली में कई स्थानों पर रेहड़ी-पटरी व साप्ताहिक बाजारों से जाम की शिकायतें लोगों से प्राप्त हुईं। इसे देखते हुए रेहड़ी-पटरी वालों के लिए अलग जोन तय करेंगे। इन तय जोन में रेहड़ी-पटरी वाले अपनी रेहड़ी लगा सकेंगे और उन्हें लाइसेंस दिए जाएंगे। साप्ताहिक बाजारों में दुकानदारों से अभी नामात्र की तहबाजारी ली जाती है। अब इन तहबाजारी को एक वर्ष का लाइसेंस जारी कर एकमुश्त शुल्क लिया जाएगा।
प्रत्येक वार्ड में हर्बल पार्क बनेगा
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वार्ड में एक हर्बल पार्क बनाया जाएगा। जहां औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही, हर जोन में आधुनिक नर्सरी स्थापित करेंगे।
बच्चों के लिए नॉलेज पार्क बनेगा
निगम की तरफ से बच्चों के लिए नॉलेज पार्क बनाया जाएगा। इन पार्कों में दौड़ के लिए ट्रैक, खेल के मैदान, मिनी म्यूजियम और शैक्षिक गतिविधियां की व्यवस्था होगी।
छह थीम आधारित पार्क विकसित होंगे
निगम छह थीम-आधारित पार्क विकसित करेगा। जिसमें कचरे से कला पर आधारित यह थीम पार्क होंगे। इन पार्कों में भारतीय उत्सव, संस्कृति और विरासत, बॉलीवुड गाधा, खेल उपलब्धियां, स्वतंत्रता संग्राम जैसे विषयों के माध्यम से भारत की समृद्ध पहचान को दर्शाया जाएगा।
ये प्रावधान भी किए गए
1- निगम की आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर के दायरे में आने वाले सभी परिसरों से कर वसूली की जाएगी। सरकारी व गैर सरकारी परिसरों में बकाया संपत्ति कर वसूलने व नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पहल की जाएगी।
2- सभी प्रमुख बाजारों व उनके आसपास पार्किंग सुविधा विकसित करेंगे। पार्किंग से आगामी वर्ष में निगम को 30 करोड़ रुपये की अधिक आय होने की उम्मीद है।
3- विज्ञापन लगाने की व्यवस्था को पारदर्शी किया जाएगा।
4- वायु प्रदूषण को लेकर निगम के सभी विभागों को जोड़ते हुए एक विभागों के समूह का गठन किया जाएगा। इसकी अगुवाई वरिष्ठ अतिरिक्त आयुक्त करेंगे। यह समूह सड़कों पर धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों की निगरानी, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाने जैसे कार्य करेगा।
5- संकरी गलियों व अनधिकृत व नियमित कॉलोनियों में नालियों की प्रभावी सफाई के लिए मशीनों की व्यवस्था करेंगे।
6- निगम के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की क्षमता को बढ़ाएंगे।
7- सभी बाजारों, बस स्टॉप व सार्वजनिक स्थानों पर आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे।
गांवों को भवन उपनियमों से मुक्त करेंगे
सत्या शर्मा ने बताया कि निगम गांवों को भवन उपनियमों से मुक्त कराने की दिशा में ठोस पहल करेगा। जिससे ग्रामीणों को बेवजह की कानूनी परेशानियों से राहत मिल सके। ग्रामीण समिति को विशेष बजट और अधिकार देकर विकास कार्यों को तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों को संपत्ति कर से मुक्त करेंगे
उन्होंने बताया कि सभी गांवों में एक ग्रामीण के एक आवासीय 200 वर्ग मीटर के प्लॉट को संपत्ति कर से पूरी तरह से मुक्त करेंगे। इसके अलावा गांवों में उन्हीं हिस्से पर व्यावसायिक संपत्ति कर लगाया जाएगा। जहां वास्तव में व्यवसायिक गतिधियां संचालित हो रही हैं।




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