उपहार सिनेमा से लेकर मालवीय नगर होटल तक, दिल्ली की 3 सबसे बड़ी आग की घटनाएं; जब उजड़ गए सैकड़ों परिवार
दिल्ली के मालवीय नगर इलाके की होटल में आग से अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले भी दिल्ली में 2 बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जब इससे ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। साल 2019 में अनाज मंडी फैक्ट्री में 43 लोगों की मौत हुई थी।

दिल्ली में हर साल आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। इस दौरान होटलों में तो कभी कोचिंग संस्थानों में और कभी अस्पतालों में आग लगने से लोगों की मौत हो जाती है। अब दिल्ली के मालवीय नगर की एक होटल में आग लगने से अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है। इस घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं। दिल्ली में आग लगने की घटनाएं तो हर साल ही सामने आती हैं, लेकिन पिछले 29-30 सालों में 3 ऐसे अग्निकांड हुए, जिसने दिल्ली के साथ पूरे देश को हिलाकर रख दिया। आइए जानते हैं देश की राजधानी दिल्ली के आज तक के इतिहास के सबसे बड़ा आग हादसों के बारे में।
जब उपहार सिनेमा में लगी आग ने निगल ली 59 जिंदगियां
13 जून, साल 1997 का दिन। ये वो काला दिन था जब फिल्म का आनंद लेने आए 59 लोगों की आग और धुएं की वजह से जान चली गई थी। साउथ दिल्ली के सीआर पार्क के उपहार सिनेमा में सनी देओल की बॉर्डर फिल्म का शो चल रहा था। इस दौरान एक बिजली ट्रांसफार्मर से चिंगारी भड़की और उपहार सिनेमा की निचली मंजिल में आग लग गई। आग ने धीरे-धीरे पूरी बिल्डिंग को आगोश में लिया। देखते ही देखते पूरे सिनेमा हॉल में धुआं फैल गया और 59 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 100 से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। इस हादसे में ज्यादातर मौतें धुएं और जहरीली गैस से दम घुटने के कारण हुई थी।
जब अनाज मंडी फैक्ट्री में जल गए थे 43 लोग
दिल्ली की सबसे बड़ी आग की घटनाओं में उपहार सिनेमा अग्निकांड सबसे बड़ा माना जाता है। इसके बाद नंबर आता है दिल्ली की अनाज मंडी फैक्ट्री अग्निकांड। साल 2019 में हुए इस हादसे में कुल 43 लोगों की मौत हो गई थी।
मालवीय नगर होटल हादसा
दिल्ली का उपहार सिनेमा कांड और साल 2019 में दिल्ली की अनाज मंडी फैक्ट्री में आग से हुए हादसे राजधानी के इतिहास के अब तक के सबसे बड़े हादसे थे। इसके बाद तारीख आई 3 जून 2026। 3 जून की सुबह मालवीय नगर के मैक्स अस्पताल के पास स्थित लेमन ग्रीन होटल में इलाज करवाने के लिए कई परिवार पहुंचे थे। इस दौरान उनका ठहराव लेमन ग्रीन में ही हुआ था। सुबह के वक्त नीचे के फ्लोर में आग लगने के बाद धीरे-धीरे पूरी बिल्डिंग को अपनी आगोश में ले लिया और कुल 21 लोगों की मौत हो गई। इस तरह पिछले 29-30 सालों में ये तीन सबसे बड़े हादसे थे, जिसने कई घरों की खुशियां छीन लीं।




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