MCD के सभी वार्डों में जनगणना 2027 का आगाज; सीएम गुप्ता ने लिया हिस्सा, नागरिकों से की खास अपील
अधिकारियों ने बताया कि MCD के 250 वार्ड हैं, जिनमें 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना की जाएगी और इस दौरान जनगणना के काम में किसी भी तरह की सहायता लेने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी उपलब्ध कराई गई है।

राष्ट्रीय राजधानी में जनगणना 2027 के तहत शुक्रवार से स्व-गणना यानी खुद से जानकारी देने की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई। इस दौरान उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही दिन अपनी ऑनलाइन गणना पूरी करते हुए नागरिकों के सामने उदाहरण पेश किया। ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे अत्यंत सरल और सुरक्षित बताया, साथ ही दिल्लीवासियों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भी की।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 'आज स्व-गणना के माध्यम से जनगणना में मैंने अपना विवरण दर्ज किया। यह प्रक्रिया आसान है और पूरी तरह सुरक्षित भी, जिससे हर नागरिक सहजता से इस अभियान से जुड़ सकता है। सही जानकारी ही सही नीतियों की नींव बनती है। जब आंकड़े सटीक होते हैं, तभी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचता है और विकास सच में सबको साथ लेकर आगे बढ़ता है।'
आगे उन्होंने लोगों से इस प्रक्रिया में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि ‘मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि स्व-गणना में जरूर भाग लें। आपकी भागीदारी ही विकसित दिल्ली और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी।’
NDMC और कैंट में पहले ही हो चुकी है प्रक्रिया
बता दें कि NDMC (नई दिल्ली नगर परिषद) और दिल्ली कैंट इलाकों में स्व-गणना की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और इन इलाकों में अब जनगणना करने वालों द्वारा घर-घर जाकर 'हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग' (घरों की सूची बनाने और आवास संबंधी जानकारी जुटाने) का काम चल रहा है।
LG बोले- घर बैठे जमा कर सकते हैं घर की जानकारी
उधर उपराज्यपाल संधू ने भी शुक्रवार को इस प्रोसेस के तहत स्व गणना को पूरा कर लिया और अपनी पोस्ट में कहा, 'आज मैंने अपना स्व-गणना कार्य पूरा कर लिया है, क्योंकि दिल्ली के सभी वार्डों में जनगणना 2027 अभियान आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। दिल्ली नगर निगम की यह डिजिटल-फर्स्ट पहल नागरिकों को अपने घर की जानकारी सीधे जमा करने की सुविधा देती है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि प्रत्येक निवासी की गिनती सही-सही हो। विश्वसनीय डेटा समावेशी शासन और एक मजबूत, विकसित राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है।'
अपनी पोस्ट में आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं दिल्लीवासियों से स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेने और जनगणना का समर्थन करने का आग्रह करता हूं। आपकी भागीदारी हमारे शहर और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।’
अधिकारियों ने बताया स्वगणना के लिए क्या करना होगा
अधिकारियों ने बताया कि MCD वार्डों के सभी निवासी, चाहे वे कहीं के भी रहने वाले हों, जनगणना पोर्टल पर लॉग इन करके इस स्वैच्छिक सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि हर घर के लिए केवल एक बार लॉग इन करना होगा, और परिवार का मुखिया या कोई अन्य सदस्य अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके इस प्रक्रिया को पूरा कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यूजर्स को पहली बार लॉग इन करते समय अपनी भाषा चुननी होगी, जिसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान निवासियों को अपने घर के 'जियोलॉजिकल-कोऑर्डिनेट्स' (भौगोलिक निर्देशांक) भी देने होंगे। इसके लिए वे या तो सैटेलाइट मैप पर अपने घर की जगह चुनकर पोर्टल पर अपना पता खोज सकते हैं, या फिर खुद ही अक्षांश और देशांश की जानकारी डाल सकते हैं।
जनगणना कर्मचारी को देनी होगी 11 अंकों की ID
जानकारी जमा करने के बाद एक 11 अंकों की 'सेल्फ-एन्यूमरेशन ID' जारी की जाएगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक 'हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग' के काम के लिए जो जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी लेने आएंगे, लोगों को उन्हें यह ID दिखानी होगी।
अधिकारियों ने बताया कि MCD के 250 वार्ड हैं, जिनमें 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना की जाएगी और इस दौरान जनगणना के काम में किसी भी तरह की सहायता लेने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन (1855) भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि खुद से गिनती वाला पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें हिंदी, अंग्रेज़ी, बंगाली, तमिल और उर्दू शामिल हैं। इसमें सटीकता को बेहतर बनाने के लिए पहले से ही FAQs, टूलटिप्स और वैलिडेशन चेक शामिल हैं।




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