दिल्ली जल बोर्ड का बड़ा फैसला, अब बस रजिस्टर्ड यूजर्स को ही DJB पोर्टल पर मिलेगी यह सुविधा
Delhi News : अब तक दिल्ली जल बोर्ड के पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति केवल एड्रेस डालकर किसी भी निवासी का नाम, मोबाइल नंबर और बिल की डिटेल देख सकता था। लेकिन अब पोर्टल पर लॉग-इन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

Delhi News : दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने अपनी वेबसाइट पर नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। पिछले साल 'नो योर केएनओ' (Know Your KNO) पोर्टल के जरिये बड़े पैमाने पर हुई डेटा चोरी और साइबर ठगी की घटनाओं के बाद अब वेबसाइट तक पहुंच को सीमित कर दिया गया है। अब कोई भी अनजान व्यक्ति किसी दूसरे नागरिक की डिटेल नहीं देख पाएगा। दिल्ली के 29 लाख पानी कनेक्शन धारकों के लिए यह कदम डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा। दिल्ली जल बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि पहले हमने सुरक्षा के चलते पोर्टल को हटा दिया था, लेकिन ग्राहकों की सुविधा के लिए इसे फिर से शुरू किया गया है, पर अब यह पूरी तरह सुरक्षित है।
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि पहले बिना किसी रोक-टोक के एक्सेस होने की वजह से जालसाज DJB अधिकारी बनकर ग्राहकों को फोन करते थे और कनेक्शन काटने की धमकी देकर पैसे ऐंठ लेते थे। अब इस पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए यूजर्स को अपना मोबाइल नंबर और एक 'वन-टाइम पासवर्ड' (OTP) डालना जरूरी कर दिया गया है।
पहले डीजेबी पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति पते का सिर्फ एक छोटा-सा हिस्सा महज 10 अंक का KNO नंबर डालकर पूरी जानकारी हासिल कर सकता था, जिसमें ग्राहकों के पूरे नाम, पते, मोबाइल नंबर और यूनिक कनेक्शन नंबर (KNOs) शामिल होते थे।
दूसरों की डिटेल नहीं देख सकेंगे यूजर्स
दिल्ली जल बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया, “हां, हमने अब स्थायी बदलाव किए हैं। पहले हमने पोर्टल हटा दिया था, लेकिन हमें पता है कि ग्राहकों को KNO एक्सेस करने के लिए पोर्टल की जरूरत होती है। इसलिए, अब हम सिर्फ रजिस्टर्ड यूजर्स को ही अनुमति दे रहे हैं। सिर्फ वही लॉग इन कर सकते हैं। पहले कोई भी किसी भी निवासी की जानकारी देख सकता था। अब, लॉग इन करने के बाद भी, आप सिर्फ अपने कनेक्शन की जानकारी ही देख सकते हैं। नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमने सभी निजी जानकारी देना बंद कर दिया है।”
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने जून 2025 में एक बड़े साइबर घोटाले का पर्दाफाश किया था। जालसाज डीजेबी पोर्टल से लोगों का डेटा चुराते थे और फिर उन्हें फोन करके पानी का कनेक्शन काटने की धमकी देते थे। उनके पास ग्राहक का असली नाम और बिल की सही जानकारी होती थी, इसलिए लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे। फिर वो मोबाइल ऐप्स या दूसरे तरीकों से उनके पैसे चुरा लेते थे। उस दौरान दिल्ली में होने वाले कुल साइबर अपराधों में से 20% मामले इसी तरह की ठगी से जुड़े थे। हालांकि DJB से जुड़े इन घोटालों के मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि उनकी टीमें इन घोटालों के पीछे सक्रिय गिरोहों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
पुलिस को अब नहीं आतीं DJB से जुड़ी शिकायतें
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि इस पोर्टल में अब पूरी तरह से बदलाव कर दिए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "मार्च में हमें इन बदलावों के बारे में जानकारी मिली थी। हमारे सुझाव को मानते हुए, अब यह पोर्टल केवल निवासियों को ही सीमित पहुंच प्रदान कर रहा है। इससे ऐसी घटनाओं पर रोक लगी है और अब हमारे पास DJB से जुड़ी ऐसी कोई शिकायतें या कॉल नहीं आते।




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