रोहिणी कोर्ट के जज का ट्रांसफर, कोर्टरूम में वकील से कहासुनी के बाद दिल्ली HC ने लिया ऐक्शन
कोर्टरूम में वकील के साथ कहासुनी का वीडियो सामने आने के बाद रोहिणी कोर्ट के जज का ट्रांसफर कर दिया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को एक आदेश जारी कर रोहिणी कोर्ट के एक जिला जज को दिल्ली न्यायिक अकादमी से अटैच कर दिया।

कोर्टरूम में वकील के साथ कहासुनी का वीडियो सामने आने के बाद रोहिणी कोर्ट के जज का ट्रांसफर कर दिया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को एक आदेश जारी कर रोहिणी कोर्ट के एक जिला जज को दिल्ली न्यायिक अकादमी से अटैच कर दिया। यह आदेश उस वीडियो के सामने आने के दो दिन बाद आया, जिसमें कथित तौर पर जज को अपने कोर्टरूम के अंदर एक वकील के साथ ज़ुबानी बहस करते हुए दिखाया गया था।
अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग अवैध
इस बीच, दिल्ली न्यायिक सेवा संघ ने एक निंदा पत्र जारी किया, जिसमें अदालत की कार्यवाही की कथित रिकॉर्डिंग को अवैध और जान-बूझकर किया गया काम बताया। संघ ने कहा कि इसका मकसद अदालतों को बदनाम करना और न्यायिक अधिकारियों को डराना-धमकाना था।
दिल्ली हाई कोर्ट से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अदालत की घटना के वीडियो हटाने का निर्देश देने का अनुरोध करते हुए संघ ने कहा कि वे जिला न्यायाधीश के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने ईमानदारी और स्वतंत्रता के साथ अपना कर्तव्य निभाया।
धीरज मित्तल लेंगे राकेश कुमार की जगह
दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एक आदेश में रोहिणी कोर्ट के जिला न्यायाधीश राकेश कुमार को दिल्ली न्यायिक अकादमी के निदेशक के साथ एक अलग भूमिका में संबद्ध किए जाने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, अकादमी के अतिरिक्त निदेशक धीरज मित्तल का तबादला कुमार की जगह कर दिया गया है।
सुनवाई टालने की मांग को लेकर तीखी बहस
यह घटना 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान हुई जब जज और बचाव पक्ष के वकील के बीच कथित तौर पर वकील द्वारा सुनवाई टालने की मांग को लेकर तीखी बहस हो गई। इस घटना के एक कथित वीडियो में जज को अपने पोडियम पर खड़े होकर वकील से गुस्से भरे लहजे में बात करते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद कोर्ट के कर्मचारियों द्वारा जज को उनके चैंबर तक ले जाते हुए देखा गया।
बार एसोसिएशनों ने हड़ताल की घोषणा की
इस घटना के विरोध में सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने कहा कि सोमवार को सभी वकील न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे। इस वजह से राजधानी की पटियाला, तीस हजारी, कड़कड़डूमा, साकेत, राउज एवेन्यू और रोहिणी समेत सातों जिला अदालतों में न्यायिक कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। जिला अदालतों की बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने रविवार को आपात बैठक के बाद यह निर्णय लिया है।
समिति के महासचिव विजय बिश्नोई ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से हड़ताल करने का फैसला किया गया है। समिति की ओर से वकीलों से हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट रहने और पूरा सहयोग देने की अपील की गई है। साकेत बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव धीर सिंह कसाना ने कहा कि यह कदम वकालत पेशे की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए उठाया गया है।
वहीं, न्यायिक सेवा संघ ने इस मुद्दे के कारण वकीलों द्वारा काम से दूर रहने का विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार इसे अवैध बताया।




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