दिल्ली हाई कोर्ट की वर्किंग में ऐतिहासिक बदलाव, अब हर महीने इन दो दिन भी लगेगी अदालत
बताया जा रहा है कि यह नया निर्देश 2025 की एक व्यवस्था पर आधारित है, जब कोर्ट ने बकाया मामलों को जल्दी निपटाने के लिए हर बेंच से महीने में एक शनिवार को बैठने के लिए कहा था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को बताया कि अब से हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को कोर्ट लगेगी और यह आधिकारिक कोर्ट सिटिंग डे होगा। इस बारे में उच्च न्यायालय ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी। ऐसा करते हुए अदालत ने अपनी एक पुरानी परंपरा में बदलाव कर दिया, जिसके तहत कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर शनिवार को आमतौर पर छुट्टी ही रहती थी।
इस बारे में जारी नोटिस के अनुसार, यह फैसला हाई कोर्ट की फुल कोर्ट ने 22 दिसंबर, 2025 को लिया था। नोटिस में कहा गया है, 'माननीय फुल कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को हुई अपनी बैठक में यह तय किया कि हर महीने का पहला और तीसरा शनिवार इस कोर्ट के लिए कोर्ट सिटिंग डे होगा।'
इससे पहले अब तक हाई कोर्ट में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन ही काम होता था, और कोर्ट आमतौर पर शनिवार और रविवार को बंद रहता था। बताया जा रहा है कि यह नया निर्देश 2025 की एक व्यवस्था पर आधारित है, जब कोर्ट ने बकाया मामलों को जल्दी निपटाने के लिए हर बेंच से महीने में एक शनिवार को बैठने के लिए कहा था।
हालांकि बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने शनिवार वर्किंग पॉलिसी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इसे लागू करने से पहले वकीलों से सलाह नहीं ली गई। साथ ही उन्होंने तर्क दिया था कि इससे वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ता है और लॉजिस्टिकल चुनौतियां पैदा होती हैं, और कोर्ट से आग्रह किया था कि या तो इस व्यवस्था को रोक दिया जाए या सभी बेंच के लिए एक स्थायी वर्किंग शनिवार तय किया जाए।




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