दिल्ली में 70 साल की महिला को 3 दिन रखा डिजीटल अरेस्ट, 7 करोड़ रुपए ऐसे लूट लिए
मामला ग्रेटर कैलाश इलाके का है। जहां जाल साजों ने अकेली रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 3 दिन तक डिजीटल अरेस्ट कर उसके साथ 7 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया। साइबर सेल (आईएफएसओ) ने संबंधित धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दक्षिणी दिल्ली में एक बार फिर साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला को साइबर ठगी का शिकार बनाया है। मामला ग्रेटर कैलाश इलाके का है। जहां जाल साजों ने अकेली रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 3 दिन तक डिजीटल अरेस्ट कर उसके साथ 7 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया। साइबर सेल (आईएफएसओ) ने संबंधित धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मामले में कोई भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।
बेटा ऑस्ट्रेलिया में बेटी गुरुग्राम में रहती
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ग्रेटर कैलाश इलाके में अकेली रहती है। उसका परिवार फर्नीचर के कारोबार से जुड़ा हुआ है। महिला का बेटा ऑस्ट्रेलिया और बेटी गुरुग्राम में रहती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसके पास 5 जनवरी को एक अज्ञात नम्बर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि गत दिनों महिला के नाम पर एक सिम कार्ड जारी कराया गया है। इस सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और दूसरे गैर-कानूनी कामों के लिए किया गया।
दो दिनों तक महिला हर बात से इनकार करती रही और स्कैमर्स पर विश्वास नहीं किया। लेकिन, फिर उन्होंने उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी और उस पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया। आरोपी ने महिला को वीडियो कॉल पर लेकर उसके कॉल को अपने साथियों के साथ जोड़ा। आरोपी के साथियों ने महिला को धमकाया और डराया।
गिरफ्तार कर जेल भेजने की दी धमकी
आरोपियों ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कहीं, जिस पर महिला ने बताया कि वह अकेली रहती है और उसके घर में कोई नहीं है। आरोपियों ने इसी बात कर फायदा उठाया और महिला को तीन दिन तक वीडियो कॉल पर रखा। आरोपी महिला की हर गतिविधियों पर नज़र रखते थे। महिला ने अपने बच्चों से बात करने के लिए कहा तो आरोपियों ने महिला को बताया कि वह डिजीटल गिरफ्तार हैं और गिरफ्तारी के दौरान बच्चों से बात करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
दूसरे फोन कर करवाते थे पैसा ट्रांसफर
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुजुर्ग महिला के पास दूसरा फोन उपलब्ध था। आरोपियों ने इसी फोन की मदद से बुजुर्ग महिला को उनके बताए गए अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के लिए कहा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के अकाउंट से 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच तीन बड़े ट्रांजैक्शन किए गए। उसने इन तीन ट्रांजैक्शन में 4 करोड़ रुपये, 1.30 करोड़ रुपये और 1.60 करोड़ रुपये भेजे। महिला ने यह पैसे भेजने के लिए अपने बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से पैसे निकाले।
बच्चों ने बुधवार को दी गई शिकायत
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को महिला के बच्चों ने खुद उससे सम्पर्क किया। बच्चों से बात करने के दौरान महिला ने उन्हें अपने साथ हुई ठगी के बारे में बताया। जिसके बाद बच्चों ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में सम्पर्क किया और शिकायत दी। स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट में एफआईआर दर्ज की है।
विनीत कुमार, पुलिस उपायुक्त, आईएफएसओमहिला ने तीन से चार दिन में आरोपी को पैसे भेजे हैं। हमने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उनके अकाउंट की जानकारी हमारे पास हैं और मामले की जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में बैंक अकाउंट नए लग रहे हैं और ऐसा लग रहा है कि इन अकाउंट का इस्तेमाल किसी और मामले में पहले नहीं किया गया है।




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