संजय कपूर की EPF रकम से बच्चों की स्कूल फीस भरने की मांग; दिल्ली HC का नोटिस
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वर्गीय संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में संजय कपूर के ईपीएफ खाते से पैसे निकालने की अनुमति मांगी गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने उद्योगपति स्वर्गीय संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में उन्होंने हाई कोर्ट से संजय कपूर की ईपीएफ रकम का इस्तेमाल कर करिश्मा कपूर के बच्चों की स्कूल फीस एवं शिक्षा संबंधी खर्च चुकाने की अनुमति मांगी है। जस्टिस अवनीश झिंगन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस याचिका की सुनवाई किसी अन्य पीठ द्वारा किए जाने की वैधता का मुद्दा खुला रखा गया है।
मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी। यह अर्जी उस लंबित मुकदमे में दायर की गई, जिसमें करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर व उनके भाई ने अपने दिवंगत पिता संजय कपूर की निजी संपत्तियों में हिस्सेदारी का दावा किया है। दरअसल, दिल्ली उच्च न्यायालय की समन्वय पीठ ने 30 अप्रैल 2026 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्तियों का हस्तांतरण, बिक्री या उपयोग करने से रोक दिया था।
पीठ ने माना था कि कथित वसीयत को लेकर कई संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई हैं और उसकी वास्तविकता का परीक्षण मुकदमे के दौरान होगा। प्रिया कपूर ने अब पीठ से आदेश के पैरा 79 के कुछ हिस्सों में संशोधन की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें संजय कपूर के कर्मचारी भविष्य निधि खाते से सीमित निकासी की अनुमति दी जाए ताकि समायरा कपूर व उनके भाई की शिक्षा संबंधी खर्च और स्कूल फीस जमा की जा सके।
यह तो पहले के निर्देशों में बदलाव की मांग
समन्वय पीठ ने पहले कहा था कि यह केवल स्पष्टीकरण की अर्जी नहीं है बल्कि पहले दिए गए निर्देशों में बदलाव की मांग है। इसी कारण मामले को रोस्टर पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। अपने अंतरिम आदेश में पीठ ने कहा था कि वसीयत को लेकर तीन प्रमुख संदिग्ध परिस्थितियां सामने आई हैं।
कोर्ट ने कहा था, संपत्तियों को सुरक्षित रखना जरूरी
इनमें संपत्ति के अस्वाभाविक बंटवारे, वसीयत के तैयार होने व हस्ताक्षर की परिस्थितियां तथा मूल वसीयत की सुरक्षित रखरखाव श्रृंखला शामिल हैं। पीठ ने यह भी कहा था कि मुकदमे के लंबित रहने तक संजय कपूर की संपत्तियों को सुरक्षित रखना आवश्यक है। वसीयत की वास्तविकता का फैसला सुनवाई के बाद ही होगा।




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