Delhi HC Justice Tejas Karia recuses from hearing a plea seeking contempt of court action against Arvind Kejriwal जस्टिस स्वर्ण कांता विवाद के बीच HC के जज ने केजरीवाल के केस से खुद को किया अलग, Ncr Hindi News - Hindustan
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जस्टिस स्वर्ण कांता विवाद के बीच HC के जज ने केजरीवाल के केस से खुद को किया अलग

दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस तेजस कारिया ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं से जुड़े एक केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इसलिए मामले की सुनवाई बुधवार को नहीं हो सकी।

Wed, 22 April 2026 12:55 PMSudhir Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जस्टिस स्वर्ण कांता विवाद के बीच HC के जज ने केजरीवाल के केस से खुद को किया अलग

दिल्ली हाई कोर्ट में अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के नेताओं और वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। इसकी वजह यह है कि जस्टिस तेजस कारिया ने खुद को इस केस से अलग कर लिया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस कारिया की बेंच के सामने इस मामले को सूचीबद्ध किया गया था।

यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में हुए घटनाक्रम से जुड़ा हुआ है। हाई कोर्ट में दायर पीआईएल में दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। केजरीवाल और अन्य पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अवैध तरीके से कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग करके इन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया। अधिवक्ता वैभव सिंह की ओर से दायर पीआईएल में अवमानना की कार्रवाई के अलावा वीडियो को डिलीट कराने की मांग भी की गई है।

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बुधवार को जब यह मामला सुनवाई के लिए आया तो अदालत ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई नहीं हो पाएगी। अदालत ने कहा , ‘इस मामले को किसी ऐसी बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए जिसमें हम में से एक (तेजस कारिया) सदस्य नहीं हैं। इसे कल दूसरी बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए।’ हालांकि, जस्टिस कारिया के फैसले के पीछे कोई वजह सामने नहीं आई है।

क्या है मामला?

दरअसल, अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि कथित शराब घोटाले से जुड़े केस से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा खुद को अलग कर लें। केजरीवाल की ओर से दायर रिक्यूजल याचिका पर पूर्व सीएम ने अदालत में खुद जिरह की थी। 13 अप्रैल को उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में खड़े होकर उनपर कई सवाल उठाए और कहा कि उनके मन में आशंका है कि इस बेंच से न्याय नहीं मिलेगा। बाद में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए थे।

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किन लोगों के खिलाफ शिकायत

अब अदालत से इसकी शिकायत करके अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। जिन लोगों के खिलाफ शिकायत की गई है उनमें अरविंद केजरीवाल के अलावा आप नेता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, संजीव झा और अन्य का नाम लिया गया है। आप नेताओं के अलावा कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह और वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में क्या कहा गया है?

याचिका में दावा किया गया है कि आप के कई नेताओं और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जैसे अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने जानबूझकर और सोची-समझी रणनीति के तहत अरविंद केजरीवाल की 13 अप्रैल को न्यायमूर्ति शर्मा के समक्ष पेशी के वीडियो को रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, जिसका उद्देश्य जनता की नजरों में अदालत की छवि को धूमिल करना था। केजरीवाल और उनके पार्टी सदस्यों पर अदालत की कार्यवाही को रिकॉर्ड करने के लिए 'षड्यंत्र' रचने और 'गंदी रणनीति' अपनाने का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका में मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) गठित करने का अनुरोध किया गया है।

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