केजरीवाल पर फैसला सुनाते हुए जब बंद हो गया इंटरनेट, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सबको हंसा दिया
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने ठुकरा दिया। जज साहिबा जब फैसला सुना रही थीं तब अचानक इंटरनेट बंद हो गया। उन्होंने इस पर कुछ ऐसा कहा कि लोग मुस्का उठे।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत अन्य की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें वह चाहते थे कि जज खुद को इस मामले से अलग कर लें। जस्टिस शर्मा ने अरविंद केजरीवाल की ओर से लगाए गए पक्षपात के आरोपों और आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। एक घंटे से अधिक समय तक जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल की दलीलों को काटते हुए अपना फैसला पढ़कर सुनाया कि वह इस केस की सुनवाई करती रहेंगी। हालांकि, इस बीच कुछ ऐसा भी हुआ कि अदालत के कक्ष का गंभीर माहौल कुछ पल के लिए हल्का हो गया और सबके चेहरे पर मुस्कान आ गई।
दरअसल, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई कर रही है। ट्रायल कोर्ट में केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है और केजरीवाल चाहते थे कि इस केस की सुनवाई जस्टिस शर्मा की बेंच में ना हो। इसके लिए पहले उन्होंने चीफ जस्टिस को लेटर लिखा था और फिर अदालत में याचिका दायर करके खुद जज से मांग की कि वह अपने को इस केस से अलग कर लें। केजरीवाल ने खुद अदालत में पैरवी करते हुए लंबी दलीलें पेश कीं।
सोमवार शाम जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल और अन्य की याचिका पर अपना फैसला सुनाया। उन्होंने फैसला सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल की सभी दलीलों पर अदालत का रुख साफ किया। पूर्व सीएम की ओर से उठाए गए सभी सवालों और आशंकाओं को खारिज करते हुए बताया कि क्यों उनके लिए इस केस से अलग होना उचित नहीं होगा। जस्टिस शर्मा ने इसे एक जज पर नहीं बल्कि पूरी न्यायिक व्यवस्था पर हमला करार देते हुए कहा कि वह बिना किसी दबाव में आए सुनवाई जारी रखेंगी और फैसला देंगी।
जब बंद हो गया इंटरनेट और जज ने कहा- सीबीआई से पता करवाओ
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने एक घंटे से अधिक समय तक अदालत में अपना फैसला पढ़कर सुनाया। अदालत पर उठाए गए सवालों पर जस्टिस शर्मा एक-एक करके जवाब दे रही थीं। इससे पहले की जस्टिस अपना बात खत्म कर पातीं, एक बार ऐसा हुआ कि अचानक अदालत का इंटरनेट बंद हो गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। वीसी से जुड़े सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का का संपर्क टूट गया।
जस्टिस शर्मा ने अपनी बात रोकी और कहा कि वह वीसी ठीक होने का इंतजार करेंगी। अदालत में बैठे कुछ लोग अपनी सीट से उठे तो जस्टिस शर्मा ने कहा, 'मैं कहीं नहीं जा रही हूं। मैं अपनी ड्यूटी पूरी करके जाऊंगी।'इंटरनेट को सुचारू करने की कोशिशों और अदालत कक्ष के गंभीर माहौल के बीच जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने एक ऐसी बात कह दी कि लोग मुस्कारने लगे। जस्टिस शर्मा ने मजाकिया लहजे में कहा, 'सीबीआई से पता करवाओ क्या हुआ इंटरनेट को।' कुछ देर बाद जब इंटरनेट दोबारा चला तो जस्टिस शर्मा ने अपना फैसला सुनाना जारी रखा।




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