यमुना किनारे 19km एलिवेटेड रोड और मेट्रो विस्तार, जाम से बचने के लिए दिल्ली सरकार का मास्टरप्लान
दिल्ली सरकार प्रदूषण पर काबू पाने के लिए यमुना नदी के पास 19.2 किलोमीटर लंबा एलिवेडेट रोड बनाने री तैयारी है। यह सड़क वज़ीराबाद से डीएनडी तक बनाई जाएगी। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित एलिवेटेड सड़क को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है।

दिल्ली सरकार प्रदूषण पर काबू पाने के लिए यमुना नदी के पास 19.2 किलोमीटर लंबा एलिवेडेट रोड बनाने री तैयारी है। यह सड़क वज़ीराबाद से डीएनडी तक बनाई जाएगी। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित एलिवेटेड सड़क को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है। पहला चरण सुरघाट से आईएसबीटी, दूसरा चरण आईएसबीटी से सराय काले खान और तीसरा चरण सराय काले खान से डीएनडी। इसके अलावा, त्रिपोलिया गेट से बर्फखाना तक 2.62 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली मेट्रो और उससे संबंधित सड़क एवं फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जबकि कुछ कार्यों में आ रही बाधाओं की लगातार पहचान कर उनका समाधान किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 81 स्टेशनों वाला 104.45 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क निर्माणाधीन है। चौथे चरण के प्राथमिकता वाले कॉरिडोरों पर काम में तेजी आई है और कुल भौतिक प्रगति 79.57 प्रतिशत है।
इस साल के आखिर तक इन कॉरिडोर को पूरा करने का टारगेट
कई प्रमुख कॉरिडोरों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक (लगभग 6.6 किमी), मजलिस पार्क से डेरावल नगर (3.5 किमी), डेरावल नगर से आर.के. आश्रम (7.4 किमी), तुगलकाबाद से संगम विहार (6.3 किमी), संगम विहार से साकेत जी ब्लॉक (4.3 किमी) और साकेत जी ब्लॉक से एयरोसिटी (12.6 किमी) शामिल हैं। दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि इन कॉरिडोर से शहर के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने की उम्मीद है। बयान में यह भी कहा गया है कि शेषबाकी तीन चरण IV कॉरिडोर - लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक (8.38 किमी), इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ (12.37 किमी) और रिठाला से कुंडली (26.46 किमी) - पर काम शुरू हो चुका है और इन्हें मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही, चरण V(A) की परियोजनाएं भी शुरू कर दी गई हैं, जिनमें आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.91 किमी), एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल 1 (2.26 किमी) और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी) शामिल हैं।
कहां कितनी पूरी हुई सड़क परियोजना
मेट्रो विस्तार के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण एकीकृत सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाएं भी चल रही हैं। मेट्रो और सड़क यातायात दोनों को ध्यान में रखते हुए, आज़ादपुर से त्रिपोलिया चौक तक 2.16 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर फ्लाईओवर लगभग 73 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस परियोजना की लागत 264.27 करोड़ रुपए है। बयान में कहा गया है कि यमुना विहार से भजनपुरा तक 1.40 किलोमीटर लंबा एक अन्य फ्लाईओवर, जिसकी लागत 291.17 करोड़ रुपये है, लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
दक्षिण दिल्ली में, एमबी रोड पर कई बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें साकेत जी ब्लॉक से संगम विहार तक 2.48 किलोमीटर लंबा छह-लेन फ्लाईओवर और साकेत जी ब्लॉक और अंबेडकर नगर में अंडरपास शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि 694.98 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में अब तक लगभग 40 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है।
इस बीच, मां आनंदमयी मार्ग से पुल प्रहलादपुर तक 2.53 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के डिजाइन और संरेखण का काम जारी है। एएसआई की अनुमति, वृक्ष कटाई और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियों का सक्रिय रूप से समाधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो का विस्तार और इसका एकीकृत सड़क नेटवर्क शहर की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा, जिससे आवागमन तेज और ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा, साथ ही भीड़भाड़ और प्रदूषण में काफी कमी आएगी।




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