मानसून से पहले दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, फ्लड कंट्रोल मॉनिटरिंग सेंटर का किया शिलान्यास
दिल्ली में मानसून से पहले बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सोमवार को शास्त्री नगर स्थित एल.एम. बंड ऑफिस कॉम्प्लेक्स में नए फ्लड कंट्रोल मॉनिटरिंग सेंटर का शिलान्यास किया।

दिल्ली में मानसून से पहले बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सोमवार को शास्त्री नगर स्थित एल.एम. बंड ऑफिस कॉम्प्लेक्स में नए फ्लड कंट्रोल मॉनिटरिंग सेंटर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर भी उपस्थित रहे।
इस परियोजना के तहत एक समर्पित भवन का निर्माण किया जाएगा, जो सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए केंद्रीय फ्लड कंट्रोल मॉनिटरिंग सेंटर के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 355.72 लाख है और इसे 15 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि मानसून के चरम समय से पहले यह पूरी तरह कार्यात्मक हो सके।
यमुना नदी के जलस्तर की भी निगरानी
भवन के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर मुख्य फ्लड कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से यमुना नदी के जलस्तर की निगरानी, विभिन्न इलाकों से आने वाली फील्ड रिपोर्ट की समीक्षा और बाढ़ से जुड़ी आपात स्थितियों में त्वरित समन्वय किया जा सकेगा। वहीं पहली मंजिल पर लगभग 50 लोगों की क्षमता वाला कॉन्फ्रेंस एवं कोऑर्डिनेशन हॉल बनाया जाएगा, जहां अधिकारी, इंजीनियर और फील्ड टीमें महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें और रणनीतिक चर्चाएं कर सकेंगी।
शिलान्यास के बाद मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार विभागों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि आपात स्थितियों में तेजी और बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा सके।
उन्होंने कहा, “हर मानसून के दौरान हमारे इंजीनियर और फील्ड टीमें दिन-रात काम करके नदी के जलस्तर, ड्रेनेज सिस्टम और संवेदनशील इलाकों की निगरानी करती हैं। इस तरह के मॉनिटरिंग सेंटर बनने से विभाग के भीतर समन्वय और भी बेहतर होगा और जरूरत पड़ने पर फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ प्रबंधन में तैयारी और समय पर समन्वय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मंत्री ने कहा, हमारा उद्देश्य साफ है..बेहतर मॉनिटरिंग, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया। यह सेंटर मानसून के दौरान एक नर्व सेंटर की तरह काम करेगा, जहां से अधिकारी और इंजीनियर वास्तविक समय में हालात की समीक्षा कर सकेंगे और फील्ड में काम कर रही टीमों को दिशा-निर्देश दे सकेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद विभागीय अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद विभाग को बाढ़ से जुड़ी परिस्थितियों की निगरानी, योजना बनाने और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय करने के लिए एक समर्पित और आधुनिक सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
यह पहल दिल्ली में बाढ़ नियंत्रण और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने तथा मानसून के दौरान शहर के लोगों को बेहतर सुरक्षा और राहत उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।




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