यह हम सबके लिए बेहद शर्मनाक; CM रेखा गुप्ता ने राष्ट्रपति मुर्मू की टिप्पणियों पर ममता बनर्जी को घेरा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणियों पर उठे विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की। कहा कि बनर्जी की सोच संकीर्ण है और उन्हें संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करना नहीं आता।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणियों पर उठे विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की। कहा कि बनर्जी की सोच संकीर्ण है और उन्हें संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करना नहीं आता।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को पश्चिम बंगाल में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के आयोजन को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणियों पर उठे विवाद को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि पूरा देश राष्ट्रपति मुर्मू पर गर्व करता है और बनर्जी का यह आचरण भारत की प्रथम नागरिक का अपमान है।
संवैधानिक पदों का सम्मान करना नहीं आता
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि मेरा मानना है कि बंगाल की मुख्यमंत्री संकीर्ण सोच से काम करती हैं। उन्हें संवैधानिक पदों का सम्मान करना नहीं आता। देश की राष्ट्रपति, जो भारत की प्रथम नागरिक हैं और संवैधानिक पद पर हैं, एक आदिवासी समुदाय की महिला हैं और पूरा देश उन पर गर्व करता है। वह आपके राज्य में आती हैं और आप उनका अपमान करते हैं।
देशभर के लोग जवाब मांग रहे
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह घटना शर्मनाक है और देशभर के लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए वाकई शर्मनाक है और उन्हें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। बंगाल की जनता, देशभर के लोग उनसे जवाब मांग रहे हैं।
आयोजन स्थल के चयन पर सवाल उठाया
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में व्यवस्थाओं को लेकर राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा निराशा व्यक्त करने के बाद विवाद खड़ा हो गया। राष्ट्रपति ने आयोजन स्थल के चयन पर सवाल उठाया और कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की।
राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ
राष्ट्रपति मुर्मू की टिप्पणियों ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बीच भाजपा और विपक्षी दलों के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर देश के प्रथम नागरिक का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह घटना राष्ट्रपति और आदिवासी समुदायों का अपमान है, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और इसमें किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ।
प्रशासन ने ऐसा स्थान क्यों चुना
राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे बहुत दुख है कि यहां के लोग सम्मेलन में नहीं पहुंच सके क्योंकि यह बहुत दूर आयोजित किया गया था। मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा स्थान क्यों चुना जहां संथाल समुदाय के लोग नहीं जा सकते। राष्ट्रपति ने राज्य नेतृत्व की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि राष्ट्रपति किसी स्थान पर जाती हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी आना चाहिए, लेकिन वे नहीं आईं।




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