दिल्ली की सड़कों पर नहीं रहेगा कोई बीमार और बेसहारा! CM रेखा गुप्ता की बड़ी पहल; लॉन्च की विशेष एम्बुलेंस
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता द्वारा 'अपना घर आश्रम' के साथ मिलकर की गई नई मानवीय पहल बेसहारा और बीमार लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। इसका मकसद उन लोगों को रेस्क्यू करना और इलाज मुहैया कराना है, जो बीमारी की हालत में फुटपाथों या सड़कों के किनारे लाचार पड़े रहते हैं और जिनका कोई अपना नहीं है।

राजधानी दिल्ली में रहने वाले बेघर और बेसहारा लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने आज 'अपना घर आश्रम' और दिल्ली सरकार की एक संयुक्त पहल के तहत दिल्ली में बेघर और बीमार लोगों को बचाने और उनकी देखभाल करने के लिए कई एम्बुलेंस और वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रेखा गुप्ता ने इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य सड़कों पर रहने वाले उन लोगों को इलाज और रहने की जगह देना है, जो बीमार हैं और जिनका कोई सहारा नहीं है।
सीएम ने कहा, “आज हमने 'अपना आश्रम' से एम्बुलेंस और वैन रवाना की है, जिनके माध्यम से शहर के बेघर और बीमार लोगों को बचाया जाएगा और आश्रम लाया जाएगा। वहां उनका इलाज और देखभाल की जाएगी।”
बालिग होने पर भी अनाथों का हाथ थामेगी सरकार
रेखा गुप्ता ने इससे पहले कल 'मदर्स डे' के असर पर ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ योजना की घोषणा की थी। इसके तहत 18 वर्ष पूरा करने पर अनाथ बच्चों को शिक्षा के अलावा कौशल विकास, रोजगार और मासिक स्टाइपेंड देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।इस योजना के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 3.5 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया गया है। यह मुहिम उन युवाओं के लिए है, जो सरकार द्वारा संचालित 'आफ्टरकेयर होम्स' से बाहर निकल कर अपने लिए एक बेहतर भविष्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का मकसद केवल बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका भविष्य सुरक्षित, गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर हो—एक ऐसा भविष्य जिसमें कोई भी बच्चा या युवा कभी भी अकेला, असहाय या उपेक्षित महसूस न करे।
मुख्यमंत्री ने रविवार को 'मदर्स डे' के अवसर पर लाजपत नगर स्थित 'विलेज कॉटेज होम' में रहने वाले छोटे बच्चों से भी मुलाकात की थी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस कॉटेज होम में सीएम ने बच्चों के साथ बड़े ही प्यार और स्नेह से बातचीत की।
सीएम ने 'आफ्टरकेयर स्कीम' के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस समय दिल्ली में 88 चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूट (CCI) काम कर रहे हैं, जिन्हें सरकार और अलग-अलग एनजीओ द्वारा मिलकर चलाया जा रहा है। इन इंस्टिट्यूट में 18 साल तक की उम्र के बच्चों को देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास और जरूरी सहायता दी जाती है, लेकिन बाहर आने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने, कौशल प्रशिक्षण लेने, रोजगार पाने, आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सरकार की यह योजना ऐसे सभी युवाओं को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी।




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